तुर्कपट्टी। बिहार के कुचायकोट से अपहृत एक युवक को लेकर अपहरणकर्ता बृहस्पतिवार को कहीं ले जा रहे थे। इसी दौरान तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के गांव महासोन में अपहर्ताओं को चकमा देकर युवक जान बचाने में कामयाब हो गया। गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस को देते हुए अपहृत युवक को सौंप दिया। युवक से पूछताछ कर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पड़ोसी प्रांत बिहार के थाना कुचायकोट के बथनाकुटी फुलवरिया निवासी भीम तिवारी पुत्र मुन्ना तिवारी तीन सितंबर को अपने मित्रों के साथ गांव में दूध लेने गया था, जहां रास्ते में ही गांव के ही तीन-चार लोगों से उसका विवाद हो गया। मारपीट के दौरान चोट लगने के कारण भीम बेहोश हो गया। अगले पल जब उसकी आंख खुली तो वह अपने को एक चार पहिया गाड़ी में पाया। होश में आने पर कथित अपहरणकर्ता उसे डरा-धमकाकर परिजनों के पास फोन कर खुद को अयोध्या में होने की बात कहने के लिए दबाव बनाने लगे। परिजनों से बात करने के बाद वह फिर बेहोश हो गया। अपहरणकर्ता बृहस्पतिवार को उसे क्षेत्र के छहूं-जोकवा मार्ग से होकर किसी अज्ञात स्थान पर लेकर जा रहे थे। इसी दौरान अपहरणकर्ताओं का वाहन जब ग्राम सभा महासोन के पास पहुंचा तो युवक ने शौच करने की बात कही। युवक शौच करने के लिए गाड़ी से नीचे उतरा और धान के खेत में जाकर छुप गया। इधर, युवक के आने में देरी होने पर अपहरणकर्ता उसे ढूंढ़ने लगे, लेकिन आसपास गांव वालों के एकत्र होने की वजह से वह वहां से भाग निकले। अपहृत युवक खेत में काम कर रही कुछ महिलाओं के सहयोग से ग्राम प्रधान के घर पहुंचा। ग्राम प्रधान ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस युवक को अपने साथ लेकर थाने गई और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस की सूचना पर युवक के परिजन भी तुर्कपट्टी थाने पर पहुंच गए। एसओ संजय कुमार ने बताया कि युवक को थाने पर रखा गया है। कुचायकोट थाने से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।