हाटा। व्यस्त जीवन शैली में योग से न केवल व्यक्ति का तनाव दूर होता है बल्कि मन और मस्तिष्क को भी शांति मिलती है। ये बातें बृहस्पतिवार को श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय के सभागार में महाविद्यालय के शताब्दी वर्ष महोत्सव के उपलक्ष्य में वर्तमान परिवेश परिप्रेक्ष्य में योग की उपयोगिता विषय पर आयोजित गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रोफेसर मारकंडेय नाथ तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि योग से आशा का संचार होता है लक्ष्य का प्राप्त करने में योग महत्वपूर्ण है। योग बहुत लाभकारी है योग न हमारे दिमाग मस्तिष्क को ताकत पहुंचाता है बल्कि हमारी आत्मा को भी शुद्ध करता है ।विषय प्रवर्तन करते हुए संस्कृत उच्चतर माध्यमिक के प्रधानाचार्य वशिष्ठ द्विवेदी ने कहा कि योग के द्वारा शरीर में व्याप्त रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है प्राणायाम के द्वारा व्यक्ति अपने उम्र को बड़ा बढ़ा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजेश कुमार चतुर्वेदी ने की जबकि संचालन संलग्न प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक संजय पांडेय ने किया।
इस दौरान राम ऋषि द्विवेदी, रामानुज द्विवेदी, संदीप पांडेय, संजय दुबे, विनोद मणि, कालिका दुबे, राज गोविंद मणि, जय गोविंद मणि, मिथिलेश चौरसिया, पवन शुक्ला, राधेश्याम पांडेय, दिनेश भारद्वाज, अवधेश सिंह सहित समस्त छात्र और छात्राएं उपस्थित रहे।