पकवा इनार। विश्व धरोहर दिवस पर पुरातत्व विभाग की ओर से कुशीनगर के संरक्षित स्मारकों व धरोहरों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाई व जागरूकता के कार्यक्रम होंगे। विभाग इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली है। हालांकि, अब तक इसको लेकर विभाग से कोई जरूरी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। लेकिन पूर्व की तरह विभाग इसे मनाने में जुटा है।
कुशीनगर में मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर, रामाभार स्तूप और अनिरद्धवा टीला स्थल संरक्षित धरोहरों में शामिल है। इन स्थलों की सुरक्षा, संरक्षण और स्वच्छता की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग की है। इन चार प्रमुख स्थलों पर खोदाई में महत्वपूर्ण पुराअवशेष मिले हैं। उनके संरक्षण, सुरक्षा व सफाई को लेकर विभाग लगातार निगरानी, मरम्मत आदि के कार्य होते रहते हैं। वहीं, विभाग की तरफ से इन स्थलों की लगातार मानीटरिंग व देखभाल के लिए कर्मियों की तैनाती है। वे इनकी निगरानी के साथ साफ-सफाई का ख्याल रखते हैं। संरक्षण सहायक शादाब खान ने बुधवार को बताया कि विश्व धरोहर दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर के मुख्य गेट पर एक संरक्षण, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने से जुड़ा बैनर लगाया जाएगा। सुबह सात से आठ बजे के बीच इन संरक्षित स्मारकों की सफाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसे स्थलों की सुरक्षा, संरक्षण और स्वच्छता को लेकर विभाग के अलावा आने वाले हर व्यक्ति को सुरक्षित, संरक्षित और साफ रखने में सहयोग करना चाहिए। यह यहां आने वाले हर किसी की नैतिक जिम्मेदारी है।
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आयोजन का मकसद ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण
हर साल 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने का मकसद दुनिया भर में मानव सभ्यता से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना है। यही वजह है कि कई जगह इस दिन को स्मारकों और स्थलों के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस के नाम से भी जाना जाता है। विश्व धरोहर दिवस-2024 की आधिकारिक विषय विविधता की खोज करें और अनुभव करें है।