पडरौना। राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में बेटी का इलाज कराने आई महिला ने मेडिकल स्टॉफ पर रुपये लेने का आरोप लगाया। हाटा क्षेत्र के पोखरभिंडा गांव के बड़हरा टोला की सुनीता देवी अपनी 15 वर्षीय पुत्री देविका का इलाज कराने अस्पताल आई थीं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को झटके आ रहे थे। बुधवार को जब उन्होंने देविका को दिखाया तो डॉक्टर ने उसे भर्ती करने का सुझाव दिया। भर्ती करने के बाद हालत में कुछ सुधार होने पर अस्पताल के द्वितीय तल पर स्थित चाइल्ड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। सुनीता ने रोते हुए बताया कि वार्ड में आने के बाद जब नर्सिंग स्टॉफ ने उनकी बेटी को इंजेक्शन लगाया तो पैसे की मांग की। जब उन्हें 100 रुपये दिए गए, उसके बाद ही इंजेक्शन लगाया। ओढ़ने के लिए कंबल मांगने पर नर्सिंग स्टॉफ झिड़क देते हैं और भला-बुरा कहते हैं। ठंड का समय है। रिश्तेदारों से बोलकर घर से ओढ़ने के लिए कंबल मंगाना पड़ा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एचएस राय का कहना है कि अस्पताल में मरीज की मां से रुपये लेने का आरोप गलत है। सभी स्वास्थ्यकर्मियों को कड़ी चेतावनी दी गई है कि किसी मरीज के परिजन से रुपये न लें। एसएनसीयू में पहले इस तरह की शिकायत थी, लेकिन अब वहां भी कड़ी हिदायत के बाद शिकायत दूर हो गई है।