मंसाछापर। पिपरासी थाना क्षेत्र के गंडक नदी में नौका दुर्घटना में लापता मजदूर महिला का करीब 30 घंटे बाद के बाद भी पता नहीं चल सका। एसडीआरएफ की आठ सदस्यीय टीम घटनास्थल से कठहवा दियारे तक करीब सात किमी मोटर बोट की मदद से तलाश कर रही है। लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई।
शनिवार को दियारा में धान की रोपनी करने छह मजदूर नाव से जा रहे थे। पीपी तटबंध के 1.7 किमी ठोकर के सामने नाव बीच धारा में फट गई थी। डूब रहे पांच लोगों को प्रदीप ने बचा लिया था। जबकि अपनी चाची माया देवी को नहीं बचा सका था। सीओ शिवम सिंह ने बताया कि साहसी युवक को आपदा में बेहतर काम करने को लेकर प्रशस्ति-पत्र देने को लेकर डीएम को पत्राचार किया जाएगा। दूसरे दिन भी एसडीआरएफ की टीम ने शव को खोजा। लेकिन शव नहीं मिली।
परसौनी गांव निवासी विशुन शर्मा के दो पुत्र और एक पुत्री है। वह बढ़ई का कार्य करते हैं। सीओ ने स्थानीय थाना को गंडक में बिना निबंधन के नाव परिचालन करने को लेकर पत्र भेजा है। बीते साल भी इसी जगह लकड़ी पकड़ने गया भिलोरवा टोला निवासी सह जल संसाधन विभाग कर्मी विगन चौधरी का पुत्र डूब गया था। 48 घंटे के बाद चितरवहिया गांव के सामने उसका शव मिला था। देर शाम तक पानी में लापता महिला का शव नहीं मिल सका था।