पडरौना। नाबालिग बेटी से दुष्कर्म का केस दर्ज कराने के लिए महिला ने कोर्ट में 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट की ओर से कराई गई जांच में मामला फर्जी निकला। कोर्ट ने महिला का आवेदन निरस्त कर फर्जी शिकायत के आरोप में पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने महिला पर केस दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट ज्योत्स्ना सिंह ने अर्थ दंड लगाया।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 21 मार्च वर्ष 2019 को दुकान पर गांव का एक युवक आया और पान मसाला मांगा। नाबालिग बेटी दुकान में गई तो युवक उसे पास के शौचालय में उठा ले गया और मुंह में कपड़ा ठूसकर दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट की ओर से जांच कराई गई तो मामला झूठा मिला। 7 जून वर्ष 2019 को कोर्ट ने प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश करने वाली महिला पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। पडरौना कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। 16 मई वर्ष 2022 को कोर्ट ने मुकदमे का संज्ञान लिया। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में आरोपी महिला ने गलती स्वीकार की। कोर्ट ने 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया और दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की चेतावनी दी।