फर्श पर सोकर गुजार रहे सर्दी की रात
- जिला अस्पताल में नहीं है रैन बसेरा, अलाव का भी कोई इंतजाम नहीं
पडरौना। दिसंबर माह के अंत में सर्दी शबाब पर है, लेकिन नगर में ठंड से बचाव का समुचित प्रबंध नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को उठानी पड़ रही है। समुचित प्रबंध के अभाव में तीमारदार फर्श पर ही सर्द रात गुजार रहे हैं। जिला अस्पताल में रैन बसेरे के अभाव में उन्हें मरीजों के पास ही सोना पड़ रहा है, जबकि पूरे अस्पताल परिसर में कहीं पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। इससे लोगों को असुविधा हो रही है।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 14 सौ मरीजों की ओपीडी होती है। इसके अलावा विभिन्न वार्ड में डेढ़ सौ मरीज भर्ती किए जाते हैं। ओपीडी का समय खत्म होने के बाद इमरजेंसी में मरीज देखे जाते हैं। रातभर मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही रहती है। भर्ती मरीजों संग तीमारदार अस्पताल में रात गुजारते हैं। परिसर में रैन बसेरा या अन्य कोई सुविधा नहीं होने की वजह से तीमारदार वार्ड में फर्श पर ही चादर बिछाकर सो जाते हैं। मंगलवार रात 10 बजे वार्डों में तीमारदार मरीज की देखभाल के लिए फर्श पर सोए नजर आएं। इसके अलावा ओपीडी पर्ची काउंटर के बाहर परिसर और इमरजेंसी गेट के सामने कहीं पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं मिली। रात में परिसर में चाय की दुकान चलाने वाले दुकानदार अपनी व्यवस्था से अलाव जलाकर बैठे हुए थे। उनके पास ही अस्पताल में आए तीमारदार भी हाथ सेंक रहे थे। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि रैन बसेरा और अलाव की व्यवस्था नगर पालिका की जिम्मेदारी है। इस संबंध में एडीएम देवी दयाल वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल परिसर में रैन बसेरा बनवाने के लिए सीएमएस से बात की जाएगी। सर्दी बढ़ने पर सभी जगहों पर अलाव जलवाया जा रहा है। इसकी नियमित जांच की जाएगी। अलाव की व्यवस्था के साथ-साथ तीमारदारों के लिए सुविधा का निर्देश दिया जाएगा।
जलकल परिसर में रैन बसेरा, सिर्फ सुभाष चौक पर अलाव
नगर के भीतर लोगों को ठंड से बचाने के लिए जलकर परिसर में स्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बने दौ सौ बेड के रैन बसेरे में रात्रि निवास की पूरी व्यवस्था की गई है। कमरों में हीटर लगाया जाता है। ठहरने वालों को गर्म पानी और सुबह नाश्ते की व्यवस्था की गई है। यहां पर अलाव भी जलाया जा रहा है। इसके अलावा सिर्फ सुभाष चौक पर ही अलाव की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल परिसर में अलाव की व्यवस्था नगर पालिका प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनकी तरफ से लकड़ी का इंतजाम किया जाता है।
डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस
जिला अस्पताल परिसर में अलाव की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन को करना चाहिए। नगर पालिका की तरफ से लकड़ी गिरवा दी जाएगी। मौसम बदलने पर नगर में विभिन्न जगहों पर अलाव जलवाया जा रहा है।
विनय जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, पडरौना