तमकुहीराज। ऐसा क्यों हो रहा है कि फरियादियों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं, ...आप लोग कर क्या रहे हैं? ये शब्द तहसीलदार तमकुहीराज पर बिफरने के दौरान डीएम रमेश रंजन के थे। डीएम का तेवर देखकर वहां मौजूद अन्य अधिकारियों के माथे पर पसीना आ गया। कुछ फरियादियों के एक बार से अधिक बार आकर फरियाद लगाने और पूर्व की शिकायतों का निस्तारण न होने की जानकारी पर डीएम खफा हो गए।
गोसाईपट्टी के राजेंद्र प्रसाद और दुदही के बीच भूमि के मामले के निस्तारण में हीलाहवाली की जानकारी मिलने पर डीएम दोबारा तहसीलदार पर नाराज हो गए। यह सब कुछ हुआ शनिवार की सुबह तमकुहीराज तहसील परिसर में चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस में। वहां डीएम रमेश रंजन और एसपी धवल जायसवाल लोगों की फरियाद सुनने पहुंचे थे।
इस दौरान डीएम और एसपी के सामने कुल 72 प्रार्थना पत्र आए। इसमें महज सात का मौके पर निस्तारण हो सका। अन्य प्रार्थना पत्रों को डीएम ने संबंधित विभागों को भेज दिया। इस दौरान एसपी धवल जायसवाल के सामने पहुंचीं तरया सुजान थाना क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग गांव की कौशल्या देवी ने सीओ तमकुहीराज पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की। 28 मार्च 2022 को उनके बेटे की हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में वह आरोपियों को सजा दिलाने की मांग एसपी से कर रही थीं। उन्होंने एसपी को बताया कि हत्यारोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। इस पर एसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे तक मौजूद रहे डीएम और एसपी ने होली और शब-ए-बरात का त्योहार शांतिपूर्ण मनाने की अपील की। इस दौरान सीडीओ गुंजन द्विवेदी, सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया भी मौजूद रहे। अन्य तहसीलों पर संपूर्ण समाधान दिवस में लोगों ने अपनी फरियाद सुनाई।
हाईकोर्ट का आदेश है, डीएम साहब करिए कार्रवाई
धुरिया कोट के नबी रसूल ने डीएम से अतिक्रमण हटवाने की गुहार लगाई। डीएम के सामने पहुंचकर उन्होंने कहा कि वह 20 बार से अधिक प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर हर अधिकारी को पत्र दे चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। हाईकोर्ट का आदेश होने के बावजूद स्थिति जस की तस है। दिसंबर 2021 में हाईकोर्ट ने 90 दिन के भीतर अतिक्रमण हटवाने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। नबी रसूल की बात सुनकर डीएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। नबी रसूल की समस्या सामने आने पर शिकायकर्ता के मामले की जानकारी ली गई। इस दौरान सामने आया कि उनकी सहन (सामने) की भूमि पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसे हटवाने के लिए वह प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। संवाद