जहां दी गई सफाई की नसीहत, वहीं फैली है गंदगी
जिला अस्पताल परिसर में मनबढ़ लोग पान-गुटखा खाकर थूकते हैं, सीढ़ियों और दीवारों पर पान की पीक के हैं निशान
आयुष अस्पताल के पास गिराया जा रहा है कूड़ा, दुर्गंध से मरीजों और तीमारदारों को होती है दिक्कत, संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ा
पडरौना। जिला अस्पताल की सीढ़ियों, दीवारों और कोने पर जगह-जगह गंदगी फैली है। जहां पान-गुटखा खाकर थूकने से मना किया गया है, वहीं पान की पीक भरी हुई है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में ही कूड़ा गिराया जा रहा है। इन्हीं रास्तों से मरीज और अन्य लोग आते-जाते हैं। इस वजह से लोगों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है, प्रशासन की ओर से भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल को साफ-सुथरा रखने का निर्देश है, ताकि मरीजों में संक्रमण न फैले। अस्पताल में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, ताकि गलत कार्य करने वालों पर नजर रखी जा सके। अस्पताल को साफ-सुथरा रखने के लिए सीढ़ियों से लगायत जगह-जगह लिखवाया गया है कि पान-गुटखा खाकर न थूकें, लेकिन इसका ध्यान नहीं रखा जा रहा है। अस्पताल में पान-गुटखा या तंबाकू खाकर आने वाले जहां-तहां थूक देते हैं। यहां तक कि उन स्थानों को भी नहीं छोड़ा है, जहां ताकीद की गई है कि यहां पान-गुटखा खाकर न थूकें। ऐसा करते पकड़े जाने पर 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। चूंकि इसी रास्ते मरीज और उनके तीमारदार भी आते हैं, जिन्हें गंदगी के चलते संक्रमण का खतरा रहता है।
इसके अलावा अस्पताल परिसर स्थित आयुष अस्पताल के पास में ही कूड़ा भी गिराया जा रहा है। यहां झाड़ियां भी उगी हुई हैं। इसके चलते मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, वहीं उठ रही कूड़े की दुर्गंध से स्वास्थ्यकर्मियों व अन्य लोगों को दिक्कतें होती हैं।
जिला अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारियों से प्रतिदिन सफाई कराई जाती है, लेकिन अस्पताल में पान-गुटखा व तंबाकू खाकर आने वाले लोग जहां मन करता है, वहीं थूक देते हैं। जिन होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई है, उनकी बात भी वे लोग नहीं सुनते। जगह-जगह लिखवाया गया है कि अस्पताल में पान-गुटखा खाकर आना और थूकना मना है। ऐसा करते पकड़े जाने पर 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा, लेकिन उसके बावजूद भी लोग गंदगी करते हैं।
-डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल