हाटा/सुकरौली। सुकरौली नगर पंचायत की महिला ने कुछ लोगों पर आवास के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब उसके खाते से रिश्वत की रकम निकलवाने के लिए उसे लेकर बिचौलिए बैंक पहुंचे, लेकिन महिला ने रुपये देने से इन्कार कर दिया। बिचौलियों ने उसका पासबुक छीन लिया।
नगर पंचायत के पिपरपाती मुहल्ले की लीलावती देवी ने बताया कि उसके नाम से प्रधानमंत्री शहरी आवास मिला है। प्रथम किस्त के रूप में पहले 50 हजार रुपये खाते में आई थी। मोहल्ले के सभासद के परिवार के एक व्यक्ति ने यह कहते हुए 23 हजार रुपये ले लिया कि उसने ही अधिकारियों से बात कर उसका आवास स्वीकृत कराया है। दूसरी किस्त के रूप में उसके खाते में फिर एक लाख पचास हजार रुपये आए हैं। महिला का आरोप है कि बुधवार को सभासद के लोग उसे लेकर बैंक आए थे और खाते से 22 हजार रुपये निकालने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने जब रिश्वत के रूप में और रुपये निकाल कर देने से इन्कार कर दिया तो उसका पासबु़क अपने पास रख कर उसे भगा दिया। वह बिलखती हुई अपने घर चली गई। उसका कहना है कि जब इतने रुपये वह बिचौलियों को दे देगी तो वह घर कैसे बनवाएगी।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी सृष्टि सिंह ने बताया कि इस तरह के मामले उनके कार्यालय तक नहीं पहुंच रहे है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, सुकरौली नगर पंचायत के अध्यक्ष राजनेति कश्यप ने कहा कि इस तरह की शिकायतें पहले भी मिली हैं। उसकी जांच के लिए हमने जिलाधिकारी से मिल कर उन्हें अवगत कराया था। किसी भी लाभार्थी को आवास के लिए रुपये देने की जरूरत नहीं है।