कसया। खरपतवार समय से नियंत्रण न करने पर गेहूं की 30 से 35 प्रतिशत उपज कम हाे जाती है। खरपतवार ही उर्वरक का सर्वाधिक उपयोग करते हैं। खेत की नमी आदि का उपयोग कर खरपतवार गेहूं की उपज को कम कर देता है। किसान गेहूं बोने के 20 से 25 दिन पर पहली सिचाई करें। उसके बाद खरपतवारनाशी रसायनों का प्रयोग करें। यह जानकारी उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर के सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने दी।
सहायक निदेशक ने गेहूं की वैज्ञानिक खेती तथा खरपतवारों के नुकसान विषय में गेहूं अनुसंधान संस्थान करनाल-हरियाणा के वैज्ञानिकों से जानकारी ली तथा शोध प्रक्षेत्र को देखा। कृषक अध्ययन यात्रा कार्यक्रम में गेहूं फसल को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख खरपतवार बथुआ, गेहूँसा, हिरनखुरी, कृष्णनील, सेन्जी, तीनपत्तियां, चटरी-माटरी, अंकरा-अंकरी आदि हैं।