दो साल में 500 गांवों में घर-घर पहुंचाना है पानी, अभी टैंकों का काम ही अधूरा
- जनपद की 103 ग्राम पंचायतों में चल रहा ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन बिछाने का काम
- 1,033 किलोमीटर के सापेक्ष 528 किलोमीटर ही बिछाई जा सकी है पाइपलाइन
- वर्ष 2024 तक चयनित गांवों के हर घर तक पहुंचाना है शुद्ध पेयजल
पडरौना। जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद के चयनित 500 गांवों के प्रत्येक घर को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की योजना अभी भी ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन बिछाने तक ही सिमटकर रह गई है। इस योजना के तहत जनपद के अभी 103 में से सिर्फ 92 गांवों में केवल बोरिंग का ही काम पूरा हो सका है। वहीं 528 किलोमीटर पाइप बिछाई गई है। सिर्फ दो गांवों में ही टैंक रखने के स्थान तक का काम पूरा हो सका है, जबकि प्रधानमंत्री का यह ड्रीम प्रोजेक्ट 2024 तक पूरा करना है।
वर्ष 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार ने ग्रामीण परिवारों को नल से जल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण योजना, जल जीवन मिशन-ग्रामीण लांच किया था। इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2024 तक चयनित प्रत्येक गांवों के हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाना है। इस योजना में ऐसे गांवों का चयन किया जाना है, जहां लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। पूर्व में इंसेफेलाइटिस के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील रहे इस जिले में भी यह योजना लांच की गई है। शुरू में 103 गांवों का चयन कर वहां 280 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य शुरू किया गया था।
कार्यदायी संस्था एनसीसी (नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी) लिमिटेड की तरफ से ओवरहेड टैंक का कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) को नोडल नामित कर इसकी देखरेख में कराया जा रहा है। पहले चरण में 103 गांवों में ओवरहेड टैंक बनाने के लिए जमीन का सर्वेक्षण हुआ। उसके बाद जल जीवन मिशन के अंतर्गत बोरिंग का काम शुरू किया गया, लेकिन अब तक 92 गांवों में ही ओवरहेड टैंक के लिए बोरिंग हो पाई है।
सितंबर में मिली 64 और गांवों में ओवरहेड टैंक बनवाने की स्वीकृति
अभी 103 गांवों में ओवरहेड टैंक बनाने और पाइपलाइन का काम चल ही रहा है, उसी दौरान सितंबर महीने में 64 और गांवों में कार्य कराने की स्वीकृति मिल गई है। हालांकि इसके लिए कार्य शुरू कराने का अभी डेढ़ माह का समय है। विभाग ने अभी इन गांवों में कार्य शुरू नहीं कराया है।
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यह है कार्यों की प्रगति-
- 103 गांवों में चल रहा है ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन का कार्य।
- इनमें से 92 गांवों में हो चुका है बोरिंग का कार्य।
- 1,033 किलोमीटर में से 528 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का कार्य हो चुका है पूर्ण।
- 29 गांवों में फाउंडेशन स्तर से लेकर ऊपर टैंक रखने के स्तर तक का काम हो चुका है पूर्ण।
- जिंक एवं एल्यूमीनियम से बने टैंकों का होगा उपयोग।
- 67,499 लोगों को मुहैया कराया जाना है शुद्ध पेयजल।
- मार्च 2023 तक चयनित इन गांवों में पेयजल कनेक्शन देना है।
- 19,100 लोगों के घरों तक पहुंच चुकी है पाइपलाइन।
- 100 से 400 किलोलीटर क्षमता के होंगे ओवरहेड टैंक।
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जल जीवन मिशन के तहत 103 गांवों में ओवरहेड टैंक बनाकर उससे पेयजल आपूर्ति करनी थी। इसमें से 92 गांवों में बोरिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। 528 किलोमीटर पाइपलाइन बिछा दी गई है तथा 29 गांवों में ओवरहेड टैंक रखने तक की ऊंचाई तक का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसी तरह 19,100 घरों तक पाइपलाइन पहुंचा दी गई है। कार्य तेजी से कराया जा रहा है। अभी 64 और गांवों में भी ओवरहेड टैंक बनाने की स्वीकृति मिल गई है। डेढ़ महीने के अंदर काम वहां भी शुरू करा दिया जाएगा।
सुमित वर्मा, एई एवं प्रभारी एक्सईएन
उत्तर प्रदेश जलनिगम (ग्रामीण), कुशीनगर