धुनवलिया चौराहा के पास प्रदर्शन करते ग्रामीण।
तुर्कपट्टी। क्षेत्र के मधुरिया राजवाहा की सफाई नहीं होने टेल तक पानी नहीं पहुंचने से नाराज किसानों ने बुधवार को नहर के सामने धुनवलिया चौराहे पर प्रदर्शन किया। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर शीघ्र टेल तक पानी नहीं पहुंचा तो आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
वाल्मीकि गंडक बैराज से मुख्य गंडक नहर की चाफ स्थित पांच शाखाओं से 23 राजवाहा और 199 माइनरों में पानी आता है। इसमें मधुरिया राजवाहा करीब 18 किलोमीटर लंबी है, जिससे करीब तीन दर्जन गांवों के सैकड़ों एकड़ खेत की सिंचाई होती है। दो वर्ष से इस नहर की समुचित साफ-सफाई नहीं होने से नहर सिल्ट और घास से पटी पड़ी है। क्षेत्र के छहूं, पांडेयपट्टी, झनकौल, महासोन, लाला गुरवलिया, कृपापट्टी, धुनवलिया, जोकवा बाजार, मधुरिया, दहारीपट्टी, सरैया महंथपट्टी, कोटवा करजही, रहसू बाजार, नदवा विशुनपुर समेत 50 गांवों के 70 प्रतिशत किसान फसल की सिंचाई के लिए इसी पर निर्भर हैं। चालू सीजन में नहर की सफाई नहीं हुई और एक सप्ताह पूर्व पानी छोड़ दिया गया। आठ दिन में बुधवार को लाला गुरवलिया तक ही पानी पहुंच सका है। अभी आधी दूरी तक भी नहर में पानी नहीं पहुंच सका है। हेड से टेल तक पानी कब पहुंचेगा, यह भगवान भरोसे है। नहर में पानी नहीं आने से किसान महंगी सिंचाई करने को मजबूर हैं। नाराज किसानों ने छात्र नेता सुनील आर्य की अगुवाई में प्रदर्शन किया। सभी ने एक स्वर से कहा कि खरीफ के सीजन में कभी भी हेड से टेल तक पानी नहीं आता है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल बर्बाद हो जाती है। प्रदर्शन में पवन यादव, प्रकाश नारायण पांडेय, संदीप शर्मा, विवेक शर्मा आदि किसान शामिल रहे। सिंचाई विभाग के जेई कुलदीप प्रजापति ने बताया कि बजट के अभाव में नहर की सफाई नहीं हो पाई है। मुख्य जगह जेसीबी से नहर की सफाई कराई जा रही है। कृपापट्टी तक पानी आ गया है। दो चार दिन में हेड से टेल पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।