समउर बाजार। क्षेत्र में सिंचाई का एक मात्र साधन बरई रजवाहा में भी पांच वर्ष से टेल तक पानी नहीं पहुंचा है। कई दिनों से हो रही तेज धूप से धान की फसल सूखने लगी है। जिन किसानों के पास सिंचाई का साधन है वे किसी तरह धान की सिंचाई कर ले रहे हैं, लेकिन रजवाहा के पानी पर निर्भर किसान फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। नाराज किसानों ने चेताया कि यदि एक सप्ताह के भीतर नहर में पानी नहीं आया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
बरई रजवाहा से अमवा महंत, पिपरा कनक, हसनपुरा, बोदा टोला, मठिया, धुसवा, करजहां, बरईपट्टी आदि गांवों के किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। क्षेत्र के क्यूम सिद्दीकी, शिव प्रसाद, गजानन शर्मा, सहाबुदीन, सजाद अली, रियत हुसैन, निजाज अहमद, सेराज अहमद, मोहम्मद मुस्लिम, मोहम्मद जहीर आदि किसानों ने कहा कि इस रजवाहा में पांच वर्ष से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को रजवाहा में टेल तक पानी छोड़ने के लिए शिकायती पत्र दिया जाता है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिलता है। नाराज किसानों ने चेताया कि एक सप्ताह के भीतर रजवाहा में टेल तक पानी नहीं आया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई ज्ञानेश्वर राय ने बताया कि किसानों की तरफ से रजवाहा में टेल तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायत मिली है। इसकी जांच की जा रही है। विभाग की तरफ से टेल तक पानी उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
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रजवाहा में पानी नही आने से धान की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। -मजीबुल होदा, ग्राम प्रधान पिपरा कनक।
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पांच वर्ष से बरई रजवाहा में हेड से टेल तक पानी नहीं पहुंचा है। आर्थिक रूप से सक्षम किसान पंपिंग सेट से धान की सिंचाई कर ले रहे हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर किसानों की फसल सूख रही है। -अमहद रजा शम्सी, पिपरा कनक धुसवा।