पिपराघाट। क्षेत्र के जीरो बंधा के पास पारसा उर्फ सिरसिया गांव में खुल रही शराब की दुकान बंद करने को लेकर गांव की महिलाओं और अधिकारियों में नोकझोंक हो गई। महिलाओं ने चेताया कि यदि गांव में शराब की दुकान खुली तो आंदोलन किया जाएगा।
जीरो बांधा तिराहे के पास पारसा उर्फ सिरिसिया गांव में सरकारी शराब की दुकान खुलने की तैयारी की जा रही है। गांव की महिलाओं का कहना है कि जहां दुकान संचालित होने की बात कही जा रही है, उसी रास्ते गांव की महिलाओं का आना जाना रहता है। इसके अलावा बाढ़ आने पर लोग वहीं शरण लेते हैं। यदि यहां शराब की दुकान खुली, तो उसका बुरा असर गांव के युवाओं पर पड़ेगा। दुकान खुलने के विरोध होने की जानकारी पर पहुंचे आबकारी विभाग के अभिषेक चौहान व दीवान कृपा शंकर दूबे, तमकुहीराज तहसीलदार चंदन शर्मा, सेवरही थाना एसओ दिग्विजय नरायण राय, पिपराघाट पुलिस चौकी प्रभारी सुजीत कुमार ने महिलाओं को समझाया तो गांव की महिलाओं के बीच नोकझाेंक होने लगी। महिलाओं ने स्पष्ट रूप से गांव में खुलने वाली शराब की दुकान को अन्यत्र ले जाने की हिदायत दी। चेताया कि यदि गांव में शराब की दुकान खुली तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान रीना देवी, माधुरी, उषा देवी, मनावती देवी, कलावती देवी, गायत्री देवी, संगीता देवी, किशुनदेव प्रसाद, हरकेश भारती, छोटेलाल यादव, बिक्रम मुसहर आदि मौजूद रहे।