तमकुहीरोड। बौद्ध धर्मावलिंबियों की तरफ से 12 अक्तूबर को धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में विजयादशमी मनाई जाएगी। सेवरही कस्बे में झांकी के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी। आयोजन को सफल बनाने के लिए मंगलवार को आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बैठक कर जिम्मेदारी सौंपी।
बृजेश जायसवाल ने कहा कि विजयादशमी के दिन ही सम्राट अशोक ने बौद्ध धर्म को अपना कर अपना शेष जीवन बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार में लगा दिया था। इस धर्म का प्रचार भारत में ही नही विदेशों में भी हो गया। 1956 में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने नागपुर में अपने सात लाख अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ग्रहण की थी। इसीलिए इस दिन को बौद्धमार्गी धम्म विजयादशमी व धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता को लेकर पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय की।
इस दौरान सभासद पप्पू जायसवाल, भीमल बौद्ध, जयप्रकाश कुशवाहा, ललन गुप्ता, धनेश्वर जायसवाल, श्याम यादव, अनिल केशरी, अविनाश गुप्ता, रविंद्र जायसवाल, राहुल केशरी आदि मौजूद रहे।