तमकुहीरोड। वर्तमान परिवेश में गन्ना किसानों की बेहतरी के लिए सरकार अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है। इससे गन्ने का उत्पादन में लागत कम करने के साथ गन्ने की उन्नत खेती, नवीन तकनीकी का प्रयोग, आधुनिक कृषि यंत्र, कीटनाशकों व उर्वरकों का प्रयोग शामिल है। इससे न केवल खेती की लागत कम होगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
से बातें गन्ना प्रजनन एवं शोध संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाषचंद्र सिंह ने कही। वे सोमवार को गोंडा और कुशीनगर के 97 किसानों को गन्ने की उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों को कीट प्रबंधन, नवीन कृषि यंत्रों का प्रयोग, सहफसली, उन्नतशील बीज का प्रयोग, उर्वरकों व कीटनाशकों के संतुलित प्रयोग के साथ अन्य जानकारियां भी दी।
इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्चना सिराड़ी, डॉ. विनय कुमार मिश्र, डॉ. वाईपी भारती, डॉ. कमलकिशोर साहू, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. कृष्णपाल सिंह, अजय कुमार राय, प्रेमप्रकाश द्विवेदी, संजय शुक्ल आदि मौजूद रहे।