तमकुहीरोड। सेवरही कस्बा में संचालित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर और अस्पताल सोमवार को सील कर दिया गया। पंजीकरण कराए ही संचालित करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई।
सोमवार को तमकुहीराज के एसडीएम विकास चंद्र की अगुवाई में सेवरही सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अमित जायसवाल, चौकी प्रभारी मंगेश कुमार मिश्र और एसआई संदीप कुमार यादव ने कस्बे के एक अल्ट्रासाउंड सेंटर व एक मद्रासी अस्पताल पर छापा मारा। दोनों केंद्रों का पंजीकरण न होने के कारण एसडीएम ने उन्हें सील करा दिया। इस दौरान प्रभारी राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता, लेखपाल मुकेश कुमार, कांस्टेबल जगजीवन जायसवाल व संजय यादव मौजूद थे।
इस बारे में सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि जिस एमओआईसी (मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज) के क्षेत्र में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित होता पाया जाएगा, उन्हें इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। इसकी चेतावनी सभी एमओआईसी को दे दी गई है। होली के बाद सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर और डाइग्नोस्टिक सेंटर की अभियान चलाकर जांच की जाएगी। जो सेंटर अवैध मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
दिसंबर-जनवरी में चल चुका है अभियान
पडरौना। बिना पंजीकरण और अन्य कारणों से मानक पूरा न करने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ डीएम ने एसडीएम और संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारी की संयुक्त टीम गठित कर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसके बाद दिसंबर और जनवरी में दोनों विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त टीमों ने छापा मारकर अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड एवं डाइग्नोस्टिक सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उस दौरान ऐसे कई अल्ट्रासाउंड एवं डायग्नोस्टिक सेंटर सील किए गए थे।
एसीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि दुदही में न्यू भारत अल्ट्रासाउंड सेंटर, पडरौना में आरके अल्ट्रासाउंड सेंटर और कप्तानगंज में मंशा अल्ट्रासाउंड सेंटर सील किया गया था। इसके अलावा फाजिलनगर में धर्मा अल्ट्रासाउंड सेंटर, कोटवा में फोर्ड डायग्नोस्टिक सेंटर भी सील किया गया था। उनका कहना था कि ये सेंटर अभी भी बंद हैं।