रूस में फंसे राजेश गोंड और दिनेश चौरसिया।
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रूस में काम करने गए जिले के दो युवक वहां फंस गए हैं। दोनों ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि जिस कंपनी में वह काम करते हैं वह चार महीने से तनख्वाह नहीं दे रही है। पैसे मांगने पर बाउंसर से पिटवाती है।
रूस से फंसे तुर्कपट्टी महुअवां के दिनेश चौरसिया और रहसू गांव के राजेश गोंड ने अपने वीडियों में दावा किया कि आमूर क्षेत्र में स्थित यामता पेट्रोलियम एवं गैस प्लांट में करीब चार हजार भारतीय कर्मचारी काम करते हैं, जो चार दिन से सैलरी की मांग पर हड़ताल पर हैं। उन्होंने भारत सरकार से उनका बकाया वेतन दिलाने और जरूरत पड़ने पर सभी को सुरक्षित भारत वापस लाने की व्यवस्था करने की मांग की है।
उनका वीडियो जारी होने के बाद दोनों के परिवार के लोग चिंतित हो गए हैं। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करती है। दिनेश और राजेश का आरोप है कि हड़ताल के दौरान बाउंसर मारपीट कर चार भारतीय मजदूरों को अपने साथ ले गए। तब से उन मजदूरों का कोई पता नहीं चल सका है। इससे अन्य भारतीय मजदूरों में डर का माहौल है।