नामांकन पत्र दाखिल करते स्वामी प्रसाद मौर्या।
पडरौना। कुशीनगर लोकसभा सीट से बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने तीन सेट और निर्दलीय प्रत्याशी अतुल ने एक सेट में पर्चा दाखिल किया। बसपा और निर्दलीय सात प्रत्याशियों ने 11 सेट पर्चा खरीदा। नामांकन को लेकर कलक्ट्रेट में पूरे दिन गहमा-गहमी का माहौल रहा। डीआईओएस कार्यालय से लेकर चंद्रशेखर आजाद चौक पुलिसकर्मी तैनात रहे।
शहर के एक मैरिज हाल से स्वामी प्रसाद मौर्य का काफिला दो बजे कलक्ट्रेट पहुंचा। पुलिस ने तीन गाड़ियों को छोड़ सभी गाड़ियों को डीआईओएस कार्यालय के पास लगे बैरियर पर रोक दिया। यहां से आजाद चौक पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने सभी को रोक दिया। स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ सिर्फ प्रस्तावकों को नामांकन के लिए अंदर जाने इजाजत मिली। समर्थक भी उनके साथ जाने की काेशिश करने लगे। पुलिसकर्मियों ने आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी तो समर्थक इधर-उधर बिखर गए।
अतुल कुमार अपने दस प्रस्तावकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर नामांकन किया। इसके अलावा बसपा प्रत्याशी शुभनारायण चौहान दो सेट,आजाद अधिकार पार्टी से हरिकेश दो सेट, निर्दलीय प्रत्याशी त्रिभुवन नारायण सिंह एक सेट, शक्ति चेतना पार्टी के प्रत्याशी उमेश भारतीय ने एक सेट, निर्दयीय प्रत्याशी सबिता एक सेट, भागीदारी पार्टी के प्रत्याशी श्याम बिहारी दो सेट, जनता समता पार्टी से रामजतन ने दो सेट नामांकन पत्र लिया। कलक्ट्रेट कैंपस में आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही थी। कलक्ट्रेट के अंदर नामांकन स्थल तक बैरिकेडिंग और सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
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आजाद चौक बैरियर पर पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मियों से हुई कहासुनी
-कलक्ट्रेट में जाने वाले लोगों को पुलिसकर्मी विकास भवन गेट पर रोक दे रहे थे। वाहन की पार्किंग विकास भवन कैंपस में करने के बाद लोगों को अंदर पैदल जाना पड़ रहा है। आजाद चौक से कलक्ट्रेट के बैरियर पर तैनात पुलिसकर्मी उन्हें रोक दे रहे हैं। इस रास्ते मेडिकल कॉलेज के तरफ भी लोगों को नहीं जाने दिया जा रहा है। मीडियाकर्मियों की इंट्री के लिए सूचना विभाग की ओर से सिर्फ आठ की सूची पुलिस कर्मियों को दी गई है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी किसी को कलक्ट्रेट गेट तक नहीं जाने दे रहे हैं। इसको लेकर कुछ मीडियाकर्मियों और पुलिस वालों से कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता देख सहायक निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद जफर और सूचना अधिकारी को आना पड़ा। इसके बाद मामला शांत हुआ। प्रशासन की ओर से एआरटीओ, सीएमओ कार्यालय और एसपी ऑफिस की ओर जाने के लिए मुख्य मार्ग से न्यायालय के बगल से रास्ता बनाया गया है। जिस पर बाइक को छोड़ चार पहिया वाहन नहीं ज जा सकते हैं। इसलिए स्कूली बच्चों को लेकर आने-जाने वाली बसों को भी पुलिसकर्मी कलक्ट्रेट के रास्ते से आने पर रोक रहे हैं।