दुदही। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बंगालीपट्टी गांव की महिला की तरफ से पड़ोसियों पर 30 लाख रुपये जालसाजी करने के दो आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। इस महिला ने थाने में तहरीर देकर इन व्यक्तियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बंगालीपट्टी की निवासी रीमा पाठक ने गांव की ही महिला मिंटू यादव एवं उनके पति कमलेश यादव एवं पुत्र शेखर यादव पर जालसाजी कर करीब 30 लाख रुपये ऐंठ लेने का केस दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद मिंटू यादव और उनके परिजन लापता हो गए थे। केस की छानबीन में कमलेश यादव की भांजी पूजा यादव के पति मनोज यादव को एसआई संजय प्रजापति ने थाने पर बुलाया था। आरोप था कि रीमा पाठक ने मिंटू यादव एवं उनके परिजनों के कहने पर सात माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के समूहों से लगभग छह लाख रुपये कर्ज लेकर दिया था। दोबारा जब मिंटू यादव व उनके परिजन और पैसे मांगने लगे तो रिश्तेदारों से कर्ज लेकर व अपने गहने गिरवी रखकर रीमा पाठक ने कर्ज के तौर पर लगभग 20 लाख रुपये दिए थे। मिंटू यादव एवं परिजनों ने पांच अलग-अलग तारीख के चेक रीमा पाठक को बतौर सिक्योरिटी दिए थे। एक चेक कमलेश यादव के मृतक बड़े भाई के नाम से था। इसकी अदायगी न हो पाने और संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला पुलिस तक पहुंचा। सब इंस्पेक्टर ने थाने बुलाकर पूछताछ करने के बजाय शिक्षक मनोज यादव को हवालात में बंद कर दिया था। मंगलवार की देर शाम संजय प्रजापति के निलंबन आदेश के बाद विशुनपुरा के थानाध्यक्ष रामसहाय चौहान ने मनोज यादव को कागजी कार्रवाई के बाद छोड़ दिया। इस मामले में विशुनपुरा थाने की पुलिस ने नामजद कमलेश यादव पुत्र बच्चा यादव निवासी बंगालीपट्टी थाना विशुनपुरा और एक मिंटू यादव को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले का तीसरा आरोपी शेखर यादव अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।