-पुलिस टीम पर तस्कर दो बार कर चुके हैं हमला, सिपाही की जा चुकी है जान
-सूचना के बाद भी हाईवे पर तस्करों काे पकड़ने के लिए पीछा नहीं करती है पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरवलिया बाजार। तस्करों के सामने तुर्कपट्टी पुलिस कमजोर पड़ती जा रही है। सिपाही की हत्या और पुलिस टीम पर पथराव के बाद पुलिस हाईवे पर अब तस्करों को पकड़ने के लिए पीछा करने से डरती है। इस लिए आसानी से पशु और मादक पदार्थों के तस्कर बिहार में प्रवेश कर जाते हैं। दो दिन पूर्व पुलिस को चकमा देकर एक ट्रक गोवंश को लेकर भाग निकले।
गोरखपुर से आने वाला हाईवे जिले से होकर गुजरता है। हाईवे के रास्ते गोवंश और मादक पदार्थों की तस्करी बड़े पैमाने पर होती है। पुलिस और तस्करों में सर्वाधिक मुठभेड़ एनएच पर ही हुआ है। इसके बावजूद तस्करों का मनोबल नहीं टूट रहा है।
यूपी और बिहार बाॅर्डर पर तुर्कपट्टी थाना होने के कारण यहां के पुलिसकर्मियों को तस्करों को रोकना किसी चुनौती से कम नहीं है। पांच माह पूर्व भाग रहे पिकअप सवार पशु तस्करों ने पीछा कर रही पुलिस पर पिकअप चढ़ा दिया था। इसमें सिपाही धर्मबीर यादव की मौत हो गई थी। इसके अलावा 29 मार्च 2020 को पशु तस्करों ने पीछा कर रही पुलिस पर गोबरही के पास पथराव कर दिया था। कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए थे और वाहन का शीशा टूट गया था।
पुलिस ने कुछ माह बाद मुठभेड़ में सिपाही को कुचलने वाले पशु तस्कर कट्टपा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन घटनाओं के बाद तुर्कपट्टी पुलिस तस्करों का हाईवे पर अब पीछा करने में सहम रही है। क्योंकि दो दिन पूर्व दिन में ही गो-तस्करों का एक ट्रक हाईवे से गुजर रहा था। इसकी जानकारी लोगों ने तुर्कपट्टी एसओ को दिया।
पुलिस ने पीछा करने के बजाए एक स्थान पर घेराबंदी करने का प्रयास किया। लेकिन पशु तस्कर चकमा देकर भाग निकले। सीओ उमेश चंद भट्ट ने बताया कि रात में पुलिस सक्रिय रहती है। तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। तस्करों को पकड़ने के प्रति लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।
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तस्कर वाहनों में रखते हैं लोहे रॉड और हॉकी
पुलिस की ओर से तस्करों का जो वाहन पकड़ा जाता है। उसमें गोवंश के अलावा लोहे का रॉड व हॉकी मिलता है। पिकअप और डीसीएम के आगे मोटे लोहे का रॉड लगा रहता है। इसलिए कई बार बैरियर तोड़कर पशु तस्कर भागने में सफल हो जाते हैं।
तुर्कपट्टी थाना के मधुरिया पुलिस चौकी और बरवा राजापाकड़ के पुलिस बूथ पर कर्मी तो रहते हैं। लेकिन तस्करों को पकड़ने में इन दिनों सक्रियता नहीं दिख रही है। सूत्रों की माने तो पुलिस बूथ के आस-पास तस्करों से गठजोड़ रखने वाले भी मंडराते रहते हैं और पुलिस का लोकेशन पास करने के बाद पशु तस्करों की गाड़ियां उधर से गुजरती हैं।