खड्डा। तुर्कहा गांव में जिस सरकारी जमीन पर बकरीद की नमाज अदा की गई थी, वहां लगे हरे पेड़ को काट कर बेच दिया गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों ने वन मंत्री, डीएम, डीएफओ और रेंजर से इसकी शिकायत की है। पुलिस गांव पर नजर बनाए हुए है।
खड्डा थाना क्षेत्र के तुर्कहा गांव में सरकारी जमीन पर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। एक पक्ष ईदगाह बनाने की जिद पर अड़ा था तो दूसरा इसका विरोध कर रहा था। इसको लेकर दोनों पक्ष कई बार आमने-सामने हो चुके थे। पुलिस-प्रशासन ने थाने में दोनों पक्षों में समझौता कराया था। तय हुआ था कि सरकारी जमीन पर कभी नमाज नहीं पढ़ी गई है। इस लिए ईदगाह का निर्माण नहीं हो सकता है। ग्रामसभा की मदद से इस जमीन पर विवाह भवन का निर्माण कराया जाएगा, जिसका दोनों पक्षों के लोग उपयोग करेंगे। समझौते के बाद मामला शांत हो गया था।
लेकिन, बकरीद के दिन एक पक्ष के लोगों ने सरकारी जमीन पर पुलिस की मौजूदगी में नमाज अदा की थी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने इंस्पेक्टर, दरोगा और सिपाही को लाइन हाजिर कर केस दर्ज करा दिया। इसमें प्रधान के पति समेत 11 लोगों को पुलिस ने जेल भिजवा दिया। बाकी लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। तुर्कहा गांव निवासी राम आसरे व राधेश्याम ने रेंजर खड्डा के अलावा उच्चाधिकारियों को पत्र देकर गांव के कुछ लोगों पर आरोप लगाया है कि बिना परमिट सरकारी जमीन पर लगे पर पेड़ को काटकर बेच दिया गया है। पेड़ काटने का जो वीडियो वायरल हो रहा है। उसमें जेल भेजे जा चुके कई लोग दिख रहे हैं। वन विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर अमित तिवारी ने बताया कि रेंज की ओर से पेड़ काटने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। किसी ने आवेदन भी नहीं किया था। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।