पकवा इनार। महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर पर्यटकों की आवक सूर्योदय से सूर्यास्त तक बनी रह रही है। भ्रमण कर पुरावशेषों की ऐतिहासिकता व प्राचीनता से भी रूबरू हुए। बुद्ध प्रतिमा के समक्ष बुद्ध वंदना के साथ विशेष पूजा-अर्चना भी किया। शीश नवाकर विश्व कल्याण और शांति की कामना की।
महापरिनिर्वाण मंदिर में महात्मा की लेटी भव्य प्रतिमा का दर्शन करने बृहस्पतिवार की सुबह करीब 7.45 बजे वियतनाम का 60 सदस्यीय दल पहुंचा। उन्होंने मंदिर में प्रवेश कर बुद्ध वंदना के बीच चीवर चढ़ाया। विश्व कल्याण व शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। भव्य स्तूप की परिक्रमा कर परिसर में उत्खनित पुरावशेषों की ऐतिहासिकता व प्राचीनता की जानकारी भी ली। करीब 8.0 बजे थाईलैंड का 27 सदस्यीय पर्यटकों का दल और 8.15 बजे श्रीलंका के 42 सदस्यों का दल मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में महात्मा बुद्ध की लेटी प्रतिमा को शीश नवाया। ये पर्यटकों का दल मांथा कुंवर मंदिर में भू स्पर्श मुद्रा में बुद्ध प्रतिमा और उनके अंतिम संस्कार स्थल रामाभार स्तूप पहुंचकर परिक्रमा की। यहां अपने-अपने परंपरा के अनुसार पूजा अर्चना किया। वहीं शाम चार बजे भी व्याख्या केंद्र वाले प्रवेश द्वार से 45 की संख्या में श्रीलंकाई पर्यटकों का दल पहुंचा। सूर्यास्त तक पर्यटकों का हुजूम लगा रहा।
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