कसया। वाल्मीकि नगर (बरवां जंगल) में आयोजित श्रीशतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन शिव-सती की कथा सुनाई गई। कथावाचक यशोदानंदन रामायणी ने कहा कि भगवान शिव ने पार्वती को श्रीराम की कथा सुनाई थी।
कथा वाचक ने कहा कि भगवान शिव ने सबसे पहले माता पार्वती को श्रीराम के जीवन चरित्र की कथा सुनाई थी। कथा सुनकर पार्वती ने श्रीराम की परीक्षा लेने का मन बनाया। इसके बाद उन्होंने सती त्याग आदि की कथा सुनाई। इस दौरान सतीश मणि, अनिल प्रताप राव, नीतीश यादव, रुद्र प्रताप सिंह, मुन्ना शर्मा, मंजीत पाठक, प्रेम यादव, भोलानाथ मिश्र, सिद्धेश्वर शाही आदि मौजूद रहे। संवाद