कसया। भरवलिया में श्रीराम महायज्ञ में शनिवार को कथा वाचक हलचल बाबा ने भगवान शिव पार्वती विवाह का वर्णन किया। कहा कि माता पार्वती ने कठिन ध्यान और साधना से भगवान शिव का वरण किया। शिवरात्रि पर भगवान शिव-पार्वती की शादी हुई थी। इसलिए इस पर्व को भगवान की विवाह वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। भगवान शिव पार्वती की बरात की मनोहर झांकी प्रस्तुत की गई और बरात यज्ञ स्थल से निकली और नरकटिया के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विवेकानंद दुबे के दरवाजे पर पहुंची। वहां बरात का स्वागत किया गया। महिलाओं ने मंगल गीत गाया। इस दौरान प्रधान उमादेवी, ध्रुव पांडेय, टुनटुन पांडेय, लप्पू तिवारी, टिंकल पांडेय, अरविंद उपाध्याय, प्रधान प्रतिनिधि इस्त्याक अहमद, जितेंद्र सिंह, अशोक तिवारी आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।