उजारनाथ। क्षेत्र के पगरा पड़री के टोला वसंतपुर गांव स्थित तिरुपति संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर में पांच दिवसीय श्री त्रिपुर सुंदरी मां भगवती महायज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार की रात शिव-पार्वती के विवाह की कथा सुनाई गई। कथा वाचक ने कहा कि भक्त और भगवान के मिलन की पराकाष्ठा है शिव पार्वती-विवाह।
कथा वाचक अर्चना मणि पराशर ने कहा कि भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए पार्वती ने कठिन तपस्या की थी। भगवान शिव ने मां पार्वती की भक्ति देख उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद कथा वाचक ने शिव-पार्वती की कथा विस्तार से सुनाई। इस दौरान पप्पू सिंह, रविंद्र सिंह, राजेशसिंह, वकील सिंह, सुदामा, विभा, अन्या, लक्ष्मी, कृष्ण सिंह, रामनारायण, शम्भू, आशु, कुलदीप, प्रेम बहादुर, इंदरजीत, नेहा, रिया, निशा, निधि, सोनी, छोटी आदि मौजूद रहे।