कसया। भरवलिया में श्रीराम महायज्ञ में शुक्रवार को टुनटुन मिश्र उर्फ हलचल बाबा ने शिव और पार्वती विवाह की कथा सुनाई। कहा कि ऐसा विवाह इससे पहले कभी नहीं हुआ था। शिव दुनिया के सबसे तेजस्वी प्राणी थे। एक-दूसरे प्राणी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले थे। उनकी शादी में बड़े से बड़े और छोटे से छोटे लोग सम्मिलित हुए। सभी देवता तो वहां मौजूद थे ही, असुर भी वहां पहुंचे। आमतौर पर जहां देवता जाते थे, वहां असुर जाने से मना कर देते थे और जहां कहीं भी असुर जाते थे, वहां देवता नहीं जाते थे, क्योंकि उनकी आपस में बिल्कुल नहीं बनती थी पर यह शिव का विवाह था, जिसमें सभी लोगों ने अपने सारे झगड़े भुलाकर एक साथ आने का मन बनाया। शिव पशुपति का मतलब बताते हुए कहा कि इसका मतलब सभी देशों के देवता भी हैं। इसलिए सभी जानवर, कीड़े, मकोड़े और सारे जीव उनके विवाह में शामिल हुए। यहां तक कि भूत, पिशाच और विक्षिप्त लोग भी बाराती बनकर पहुंचे। यह एक शाही शादी थी, एक राजकुमारी की शादी हो रही थी। विवाह के दौरान मनोहर और सुंदर झांकी प्रस्तुत हुई। इस अवसर पर अरविंद उपाध्याय,टुनटुन पाण्डेय,प्रधान प्रतिनिधि इस्तायक अहमद,लप्पू तिवारी,दशरथ चौधरी,टिंकल पांडेय ,सहित सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे ।