रामकोला। कस्बे के वार्ड नंबर एक आंबेडकर नगर (पपउर) स्थित काली मंदिर परिसर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह की कथा सुनाई गई। कथा वाचक ने कहा कि श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह भक्त और भगवान के मिलन की पराकाष्ठा है।
उन्होंने कहा कि प्रेम में ही परमात्मा का वास होता है। प्रेम साधन और साध्य दोनों हैं। मोह में यह गुण नहीं पाया जाता है। लोगों को मोह का त्याग कर प्रेम की उत्कर्ष राह पर चलना चाहिए। इस दौरान पंडित शिवम तिवारी व अंकुश शुक्ला ने भजन प्रस्तुत किए।
इस दौरान रामाधार राव, परशुराम राव, रामप्रीत राव, कैलाश राव, राजेश राव, राजेंद्र राव, जयप्रकाश राव, संजय राव, राजन राव, अनिल राव, बंटी राव, रमाशंकर गुप्ता, रामधनी, बंशराज, राजकिशोर गुप्ता, रामविलास यादव, फूलबदन आदि मौजूद रहे।