लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के पगार छपरा गांव के शिव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ में बृहस्पतिवार की दोपहर कथा व्यास प्रदीप सागर ने रावण वध की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि रावण को मारने के लिए राम के सभी शस्त्र व्यर्थ साबित हो रहे थे। रावण विभिन्न राक्षसी लीला कर बच जाता था। अंत में अगस्त्य ऋषि ने राम को आदित्य हृदयस्तोत्र का पाठ करने के लिए कहा। अगले दिन राम ने आदित्य हृदयस्तोत्र का पाठ किया। इसके बाद विभीषण ने बताया कि रावण की नाभि में अमृत का वास है। अंत में राम ने रावण की नाभि में बाण मारा। इसके बाद रावण का वध हुआ। इस दौरान आयोजक पूर्व विधायक श्रीनारायण उर्फ भुलई भाई, हरीनारायण पांडेय, अमित पांडेय, संजय पांडेय, शारदा सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद