पडरौना। ई-रिक्शा में एक युवक बैग छोड़कर लापता हो गया। चालक ने बैग को चेक किया तो उसमें तीन यूनिट ब्लड के पैकेट रखे थे। बैग लेकर चालक रविंद्र नगर थाना और ब्लड बैंक पहुंचा, जहां खून रखने से मना कर दिया गया। इसके बाद चालक सीएमओ कार्यालय पहुंचा तो सीएमओ स्टीकर का ब्लड पैकेट देख दंग रह गए और उसे अपने पास रखने को कहा। लेकिन, सीएमओ कार्यालय में ही बैग रखकर चालक चला गया। देर शाम को दो युवक सीएमओ के पास पहुंचे और कार्यालय में रखे ब्लड के पैकेट को अपना बताया। लेकिन, सीएमओ की पूछताछ में युवक ब्लड ग्रुप नहीं बता सके और सख्ती देखकर भाग गए।
कोतवाली थाना क्षेत्र के सिधुआ स्थान निवासी रामविलास ई-रिक्शा चलाते हैं। शनिवार को सुबह रोज की तरह वह शहर में ई रिक्शा लेकर आया। छावनी से रविंद्र नगर धूस जाने के दौरान छावनी तहसील के पास एक युवक बैग लेकर ई-रिक्शा में रविंद्र नगर धूस जाने के लिए सवार हुआ। सफर के दौरान युवक ने अर्जुनहा जाने की बात कही। रविंद्र नगर धूस पहुंचने पर युवक ई-रिक्शा में ही बैग छोड़कर पीछे से आ रही बस में सवार हो गया। ई-रिक्शा चालक कुछ देर तक रविंद्र नगर चौराहे पर युवक का इंतजार किया। जब वह नहीं लौटा तो सवारियों को छोड़ने के लिए पडरौना चला गया। दोपहर बाद युवक नहीं लौटा तो चालक ने बैग चेक किया तो उसमें बिना स्टीकर लगे तीन यूनिट ब्लड की थैलियां मिलीं। चालक ई-रिक्शा से मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में पहुंचा। ब्लड बैंक इंचार्ज ने ब्लड बैंक से जारी नहीं होने की बात कह ब्लड लेने से मना कर दिया और इसकी जानकारी पुलिस को देने को कहा। चालक बैग को लेकर रविंद्र नगर थाने पहुंचा और पूरी बात पुलिस को बताई। पुलिस ने बैग की जांच करने के बाद इसकी सुपुर्दगी चालक को दे दी और उसका नाम-पता नोट कर घर जाने को कहा। परेशान चालक बैग लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचा और सीएमओ से पूरी जानकारी देते हुए ब्लड की थैलियों को कार्यालय में रखने की गुहार लगाई। सीएमओ ने ब्लड बैंक के इंचार्ज से बात चालक से अपनी सुपुर्दगी में रखने की बात कही। परेशान चालक सीएमओ कार्यालय में बैग में रखे ब्लड को छोड़ चला गया। देर शाम को दो युवक सीएमओ के पास पहुंचे और ब्लड की थैलिया भूल से ई रिक्शा मेंं छूटने की बात कह मांगने लगे। सीएमओ ने जब ब्लड ग्रुप और जारीकर्ता ब्लड बैंग की जानकारी मांगी तो युवक नहीं दे सके और चले गए। फिलहाल बैग और ब्लड की थैलियां सीएमओ कार्यालय में ही हैं।
ई-रिक्शा चालक बैग को कार्यालय में छोड़कर चला गया। बैग में तीन यूनिट ब्लड बिना स्टीकर लगी थैलियों में है। दो युवक शाम को इसे लेने आए थे, लेकिन वे ब्लड ग्रुप और जारी करने वाले ब्लड बैंक का नाम नहीं बता सके। इसलिए उन्हे नहीं दिया गया। बिना साक्ष्य किसी को ब्लड नहीं दिया जाएगा। इसकी जांच कराई जा रही है कि किस ब्लड बैंंक से जारी किया गया है। -डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ