रामकोला। रामकोला पुलिस और स्वॉट टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पंचायत भवनों और घरों को निशाना बना उपकरणों की चोरी करने वाले गैंग का पुलिस ने सोमवार को पर्दाफाश कर दिया। दो शातिर चोरों को पुलिस ने असलहा के साथ गिरफ्तार करते हुए उनके पास से चोरी के सामान बरामद किया है। ये लोग सुनसान स्थानों पर बने पंचायत भवन और घरों की रेकी करते थे और उसके अगले दिन घटना को अंजाम देते थे।
चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि रामकोला पुलिस और स्वॉट टीम ने धुंआटीकर पंचायत भवन में चोरी करने वाले दो शातिर राजू यादव निवासी रोआरी टोला नरकटिया व कलामुद्दीन अंसारी निवासी बभनौली थाना रामकोला को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की 15 बैटरी, सात इन्वर्टर, एक स्लेब्लाइजर, दो डीवीआर, एक मॉनीटर, दो यूपीएस, दो लेमिनेशन मशीन, तीन प्रिंटर, छह पीओएस, एक गैस चूल्हा, तीन टेबल फैन, दो सीलिंग फैन, एक टिल्लू पंप, तीन सीपीयू, एक हिट ब्लोअर मशीन, दो ताला तोड़ने वाला राड, एक पेचकश, एक पिलास, एक हेक्सा ब्लेड, एक लोहे की हथौडी, दो तमंचा, चार कारतूस और एक चोरी की बाइक बरामद की गई है। बरामद सामानों की अनुमानित कीमत तकरीबन 15 लाख बताई जा रही है। गिरफ्तार शातिर चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए शातिर में से राजू यादव का पूर्व में भी रामकोला थाना क्षेत्र में आपराधिक इतिहास रहा है। इसके खिलाफ कई मामलों में केस दर्ज है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ रामकोला विनय कुमार सिंह, स्वॉट टीम के प्रभारी आलोक कुमार, एसआई सुभाष चंद्र, उपेंद्र यादव, आकाश सिंह, सर्विलांस टीम के प्रभारी शरद भारती, हेड कांस्टेबल लक्ष्मण सिंह, राकेश गोड़, संतोष सिंह, रणजीत यादव, राहुल सिंह, चन्द्रशेखर यादव, संदीप भाष्कर, कांस्टेबल शिवानन्द सिंह, ऋषि पटेल, रोशन त्रिपाठी, ध्रुपचन्द व जयहिंद यादव शामिल रहे।
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घूम-घूमकर करते थे रेकी, फिर देते थे घटना को अंजाम :
पंचायत भवनों और घरों को निशाना बना उपकरणों की चोरी करने वाले गैंग के यह दोनों शातिर पहले गांवों व अन्य जगहों पर घूम-घूमकर रेकी करते थे। फिर अगले दिन घटना को अंजाम देते थे। एएसपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि सुनसान स्थानों पर बने पंचायत भवनों की दोनों आरोपी दिन के वक्त घूमकर रेकी कर पूरी जानकारी जुटा लेते थे और अगले दिन रात के सन्नाटे में वह चोरी की घटना को अंजाम देते थे। इनके निशाने पर ज्यादातर पंचायत भवन ही रहे हैं, जहां से सोलर लाइट आदि उपकरणों को चुराकर यह अलग-अलग जगहों पर बेच दिया करते थे।