कहा जा रहा है कि बृहस्पतिवार की सुबह अंतिम संस्कार के लिए पनियहवा ले जाते समय किसी ने उसके जीवित होने का संदेह जाहिर कर दिया। स्थानीय डॉक्टरों के अलावा पिपराइच और महराजगंज के चिकित्सकों ने भी जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इसके बावजूद परिजना रामकोला सीएचसी पर लेकर पहुंचे, जहां मौजूद प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ने भी मृत बताया। फिर भी जिला अस्पताल ले जाने को बताया। सरकारी एंबुलेंस में लगे ऑक्सीजन लगाकर युवक को लेकर जिला अस्पताल लेकर चले गए। वहां भी मृत बताया गया।
रामकोला सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि अर्थी पर शव लेकर आए थे। पर्ची बनवाए, जिसमें नाम विकास गांव बरगहा बताया था, लेकिन पर्ची भी नहीं ले गए। नारायणी नदी के किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंत में बृहस्पतिवार को ही शाम तक गंडक नदी के पनियहा घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया।