गुरवलिया बाजार/तुर्कपट्टी (कुशीनगर)। हमार कुशीनगर की धरती पर आके मन प्रसन्न हो गइल...। रउरा लोगिन कथा में झूमीं और आनंद उठाईं। श्रीराम के जयघोष के बीच सेमरा धाम में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कथा शुरू की तो पंडाल तालियों से गूंज उठा। महिलाएं नाचने लगीं। भजन के साथ कथा की शुरुआत की। इसके पहले मंगल मंत्रों और फूलों से तुलसी पीठाधीश्वर का स्वागत हुआ। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अपमान करने वाले का कल्याण नहीं हो सकता है।
प्रथम दिवस पर प्रसंग के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एहिसन कथा होई कि आप सभे नाच उठेम। आगे कहा कि नई शिक्षा नीति के बाद अब हम लोग प्रारंभिक कक्षाओं में भी रामायण और महाभारत पढ़ने वाले हैं। मैं कह रहा हूं सनातन धर्म का अपमान करके कोई जी नहीं सकेगा। सनातन पर उंगली उठाने वालों के साथ कैसा हश्र होता है, यह बीते दिन आए चुनाव परिणाम के बाद पता चला है। इस बार भी धर्म जीता और 2024 में भी धर्म जीतेगा। आगामी चुनाव में हम अकेले यूपी से 80 सांसद देंगे। मेरे मुख से निकला है तो यह होगा। मुझे यही कहना है कि किसी पार्टी विशेष की लड़ाई नहीं। महात्मा बुद्ध पर चर्चा करते हुए कहा कि बुद्ध भगवान की अस्थियां यही हैं। बुद्ध ने संकेत कर कहा था कि मुझे मर्यादा पुरुषोत्तम की कथा सुनाइए। गांधी मैदान में मेरी रामकथा नहीं हुई, लेकिन अब नीतीश की बिहार सरकार का मैदान साफ होगा, तभी गांधी मैदान में कथा होगी। जो राम को उल्टा बोलेगा, उसका विनाश होगा। इस क्रम में जगद्गुरु ने रामगीत भी गाया।
धन बानी रउरा धन बानी...दशरथ के ललनवा रउरा धन बानी। अपने गीत के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र की तुलना चंद्रमा से करते हुए कहा कि राम जी को चंद्र क्यों कहा गया था। राम जी चंद्रमा हैं। सबसे बड़ा गुण है अमृत। भगवान राम सबको अमृत परोसते हैं। चंद्रमा निष्कलंक हैं। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
रामकथा के दौरान सांसद कुशीनगर विजय कुमार दुबे, चंद्र प्रकाश चमन, राणा प्रताप सिंह, प्रणय कुमार शुक्ला उर्फ हैप्पी शुक्ला, विनय तिवारी, ब्रजेश पांडेय, पशुपति शुक्ला, डॉ. ज्ञान प्रकाश पांडेय, महेंद्र दुबे, दीपक द्विवेदी, अमिताभ मिश्रा, शशांक मणि त्रिपाठी, विकास तिवारी, प्रमोद सिंह, अंकुर सिंह, अभय सिंह, पवन सिंह व प्रभारी निरीक्षक कसया गिरिजेश उपाध्याय, थानाध्यक्ष तुर्कपट्टी अनिल कुमार सिंह, चौकी प्रभारी मधुरिया अवनीश सिंह आदि कई थानों की पुलिस मौजूद रही।