- पुलिस और प्रशासन की सख्ती तथा लोगों की जागरुकता से शोर में रही कमी
पडरौना। नवरात्र भर डीजे के शोर पर रोक लगाने के बाद अब लक्ष्मीपूजा पर प्रशासन की नजर है। लक्ष्मीपूजा के लिए बनने वाले पंडालों में तेज आवाज में डीजे बजाने पर रोक रहेगी। हाईकोर्ट के तय मानक के अनुसार ही डीजे बजाने की अनुमति मिलेगी। इसका पालन कराने के लिए पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की तरफ से किए जा रहे इस प्रयास की लोग सराहना भी करने लगे हैं।
कोई भी त्योहार अथवा आयोजन पर पिकअप व अन्य मालवाहकों पर बड़े-बड़े साउंड बॉक्स बांधकर तेज आवाज में डीजे बजाए जाते थे। गीत से लेकर नारे लगाए जाते थे। शोर इतना कि उससे लोगों की धड़कन बढ़ जाती थी। मरीजों की घबराबट बढ़ने लगती थी। बगल से गुजरने वाले इन वाहनों के शोर से लगता था कि कान के परदे फट जाएंगे, लेकिन पुलिस अथवा प्रशासन की तरफ से कोई रोक-टोक नहीं होती थी, लेकिन इस साल मुख्यमंत्री ने स्वयं इसे संज्ञान लिया और डीजे निर्धारित सीमा में ही बजाने के आदेश जारी किए।
इसका नतीजा यह हुआ कि दुर्गा पूजा से पहले पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में डीएम उमेश मिश्रा और एसपी धवल जायसवाल ने शांति कमेटी की बैठकें कर पहले ही हिदायत दे दी थी कि शासन के आदेश का पालन हर हाल में करना होगा। इसका सकारात्मक प्रभाव यह रहा कि डीजे या तेज आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजे। इससे लोगों को काफी राहत मिली। लोगों ने पुलिस और प्रशासन के इस कार्य की सराहना की।
दुर्गा पूजा की भांति दीपावली के उपलक्ष्य में भी पडरौना शहर से लगायत सभी नगर निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में पंडाल सजाकर मां लक्ष्मी और सिद्धि विनायक गणेश की पूजा की जाती है। पुलिस प्रशासन ने लक्ष्मीपूजा में भी डीजे या साउंड निर्धारित ध्वनि सीमा में ही बजाए जाने के लिए निर्देश देने का निर्णय लिया है।
एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि लक्ष्मीपूजा में भी डीजे निर्धारित ध्वनि सीमा में ही बजाए जाएं, इसका पालन कराने के लिए मातहतों को निर्देश दिया जाएगा। ताकि डीजे या साउंड के शोर से लोगों को असुविधा न हो। ऐसा न किए जाने पर कार्रवाई होगी।