कसया। सीएचसी में हड्डी रोग के डॉक्टर नहीं होने से नगर के लोगों एवं मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नेशनल हाईवे से सटे होने से हादसे में घायल कसया सीएचसी पहुंचते हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं होने से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। प्रतिदिन 10 से 15 मरीज हड्डी की समस्या से जुड़े आते हैं, जिन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। तत्काल इलाज के लिए मरीज निजी अस्पतालों में चले जाते हैं।
नेशनल हाईवे पर कोई ऐसा दिन नहीं जिस दिन हादसा न हो। हेतिमपुर से लेकर फाजिलनगर के पास तक एवं देवरिया मार्ग और पडरौना मार्ग सहित क्षेत्र में होने वाली दुर्घटना में घायल मरीजों को लोग कसया। सीएचसी लाते हैं। यहां हड्डी के डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। हालांकि, नगरपालिका के विस्तार के बाद 27 वार्डों की आबादी के अलावा ग्रामसभा और हाइवे पर होने वाले हादसों में घायलों को लोग यहीं लाते हैं। ऐसे में यहां हड्डी रोग के डॉक्टर का होना जरूरी है। सीएचसी में ईएनएटी और स्किन के अलावा कोई एमडी मेडिसिन भी नहीं है।
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सीएचसी में है इन डॉक्टरों की तैनाती
कसया सीएचसी में जनरल सर्जन डॉ. जलज गुप्ता, पीडियाट्रिसियन डॉ. सौनक श्रीवास्तव, डेंटल डॉक्टर रितेश, डॉ. आशुतोष पांडेय, डॉ. यूसुफ, डाॅ. गौतम जी गौरव, डाॅ. मार्कंडेय चतुर्वेदी, और महिला डॉक्टर अनामिका, निधि पर्दा मल्ल, डॉ. नेहा और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर स्नेहा कुमारी, निश्चेतक डाॅ. मुकेश यादव, फार्मासिस्ट अशोक कुमार सिंह, वशीर अहमद, अभिषेक पांडेय, राकेश मणि त्रिपाठी तैनात हैं।
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इन डॉक्टरों की है यहां जरूरत
हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, त्वचा और एमडी मेडिसिन डॉक्टर कोई नहीं है। जबकि इस अस्पताल की काफी आबादी और महत्वपूर्ण स्थान पर होने के नाते यहां पर डॉक्टरों की बहुत जरूरी है।
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ये बोले मरीज
कसया सीएचसी काफी महत्वपूर्ण स्थान है। यहां पर्याप्त संख्या में डॉक्टर होने चाहिए। हड्डी रोग के डॉक्टर की तो बहुत जरूरत है। यहां से डॉक्टर हड्डी से संबंधित मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं, जिससे परेशानी बढ़ जाती है। -अजय गुप्ता, सपहा
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नेशनल हाईवे के किनारे सीएचसी होने के बाद भी यहां हड्डी रोग के डॉक्टर नहीं हैं। जबकि इस अस्पताल में अक्सर हादसे में घायल मरीज आते रहते हैं। डॉक्टर के अभाव में मरीज को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। -प्रशांत किशोर
वर्जन
सीएचसी में हड्डी के डॉक्टर के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। यहां डॉक्टर की नियुक्ति उच्च स्तर से ही होनी है। यहां से प्रतिदिन पांच से सात मरीज जिला अस्पताल रेफर किए जाते हैं। -डाॅ. मुकेश यादव, प्रभारी सीएचसी अधीक्षक
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