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कप्तानगंज की जनसभा: मुख्यमंत्री ने की 2022 में कमल खिलाने की अपील

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कप्तानगंज (कुशीनगर) में दीप प्रज्वलित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मंच पर उपस्थित भाजपा प्? - फोटो : KUSHINAGAR
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सम्मोहन से भरा था संबोधन, जगा गए उम्मीदें
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भावनाओं से जोड़कर दिलों में उतरने की कोशिश की
गिरजाशंकर सिंह/संजीव मिश्र
कप्तानगंज/रामकोला। रविवार को जिले में आए मुख्यमंत्री की तरफ से शिलान्यास, लोकार्पण और जनसभा पूरी तरह आगामी विधानसभा चुनाव में केंद्रित रही। इंसेफेलाइटिस, बकाया गन्ना मूल्य, बाढ़ की त्रासदी, नौकरी में घूसखोरी सहित कई समस्याओं को उकेरकर उन्होंने न केवल लोगों के दर्द याद दिलाए, बल्कि उनके निदान के लिए किए गए कार्यों को भी गिनाकर भावनात्मक तरीके से जुड़ने की अपील की। उन्होंने योजना में शामिल होने के बावजूद कुशीनगर और देवरिया में चीनी मिलें न लग पाने की वजह भी बताई। इसके साथ ही सीएम ने आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव में जनपद की विधानसभा सीटों पर अधिक से अधिक कमल खिलाने की अपील भी की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि गोरखपुर के पिपराइच सहित अन्य जनपदों में जिस तरह नई चीनी मिलें स्थापित की गईं, उसी तरह कुशीनगर और देवरिया में भी गन्ना किसानों की सुविधा के लिए चीनी मिलें स्थापित करने की योजना थी। लेकिन ऐन समय पर कोरोना महामारी फैल गई। इस महामारी के दौरान प्रदेश सरकार ने किसी परिवार को भूखे नहीं रहने दिया। सरकारी दर के अलावा मुफ्त में राशन दिया गया। उनके लिए मुफ्त दवा के बाद निशुल्क टीकाकरण भी किया जा रहा है। इसमें काफी धन खर्च हुआ। इस वजह से यह महत्वाकांक्षी योजनाएं जमीन पर नहीं उतर पाईं। यदि जनता अबकी बार अवसर देती है तो इन दोनों जनपदों में चीनी मिलें लगाई जाएंगी। मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने बहुत जल्द आएंगे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भी होगी। सीएम ने कहा कि इंसेफेलाइटिस से जनपद के बहुत से मासूमों की मौत हुई, लेकिन अब कोई बच्चा नहीं मरता है। कुशीनगर की धरती से पुराना वास्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में मुसहरों की मौत पर हमने आंदोलन किया। इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए अभियान चलाया। जब भाजपा की सरकार आई तो इन दोनों समस्याओं को पूरी तरह से काबू किया गया। अब इंसेफेलाइटिस के चलते किसी मां की गोद सूनी नहीं होती। उनके संबोधन पर कार्यकर्ता और समर्थक जबरदस्त समर्थन करते रहे।
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