पकड़ियार बाजार। नौगांवा गांव के लाल बाबू एक किसान परिवार से हैं। बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के बढ़ते प्रकोप और जिम्मेदार विभागों की उदासीनता को देखकर लाल बाबू ने अपनी जिम्मेदारी समझी। वे मशीन लेकर गांव की गलियों, नालियों और जलजमाव वाले स्थानों पर एंटी-लार्वा रोधी दवा का छिड़काव कर रहे हैं। यह कोविड के समय में भी कार्य किए थे।