पडरौना। शहर के छावनी के समीप स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार की देर शाम दुर्घटना में घायल शख्स की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, मरीज को मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल में पहुंचाने के लिए कुछ दलालों का नाम सामने आ रहा है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
छावनी के करीब संचालित हो रहे एक निजी अस्पताल पर दो महीने में दूसरी बार गंभीर आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि दुर्घटना में घायल युवक का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। स्थिति गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने गोरखपुर रेफर कर दिया। इसी दौरान वहां पहुंचे कुछ लोगों ने बेहतर इलाज का दावा करते हुए छावनी के समीप पिछले छह माह से संचालित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही। परिजनों ने विश्वास में आकर घायल युवक को निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। भर्ती करने के कुछ समय बाद ही युवक की मौत हो गई।
इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। थोड़ी ही देर में निजी अस्पताल के सामने लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जाता है कि एक सत्ताधारी दल के युवा नेता के रिश्तेदार की ओर से अस्पताल का संचालन किया जाता है। इसके पहले भी इस अस्पताल में दलालों की ओर से एक मरीज को पहुंचाया गया था, जहां उसकी भी मौत हो गई थी। उस मामले में अस्पताल संचालक ने मैनेज कर लिया था। इस संबंध में रविंद्र नगर थाने के एसएचओ विनय कुमार मिश्र ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से तहरीर दी गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।