तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र में गंडक नदी के कटान से बेघर होकर बांध पर शरण लेने वाले लोगों ने अलाव जलाने की मांग की है। सेवरही में बहने वाली लगभग 17 किलोमीटर लंबी गंडक नदी का क्षेत्र बाढ़ प्रभावित इलाका है। बीते एक दशक में पिपराघाट का फल टोला, नान्हू टोला, गोवर्धन टोला, अहिरौलीदान का बैरिया टोला, कंचन टोला व चित्तू टोला, कचहरी टोला, खैरखुटा व डीह टोला आदि गांव के लोग बाढ़ से प्रभावित होकर क्षेत्र के मुसहरी टोला, हनुमान टोला, नरवाजोत बांध, मोतीराय टोला, बिनटोली, ततवा टोली, नोनिया पट्टी, चैन पट्टी, अहिरौलीदान आदि गांव के बंधे के किनारे झोपड़ी बना कर जीवन यापन कर रहे हैं। मुसहरी टोला के अशोक निषाद, मोतीराय टोला के नत्थू गोड़, प्रहलाद यादव, रामदेव निषाद, शर्मा साह, गनेश, छबीला आदि का कहना है कि बाढ़ की विभीषिका के बाद ठंड का महीना उनके लिए किसी त्रासदी से कम नही है। इसमें सर्वाधिक परेशानी उन्हें पूस व माघ महीने में होती है। ऐसे समय में उनकी सुधि लेने के लिए कोई नहीं है। प्रभुनाथ यादव, मनोज गुप्ता, शिवजी जायसवाल, बृजकिशोर साहनी आदि ने अलाव जलाने की मांग की है।