कुशीनगर। गोरखपुर के गीडा के बरहुआ में कार से रौंदकर छात्रा की हत्या का आरोपी हाटा कोतवाली के गनेशपुर गांव का निवासी प्रिंस यादव है। उसकी करतूत सुनने के बाद गांव के लोग हैरान हैं। चूंकि, गांव में वह साधारण तरीके से रहता था। किसी से कोई विवाद भी नहीं है। ऐसे में कार से रौंदकर हत्या के मामले में उसका नाम के आने बाद लोग पहले तो यकीन नहीं कर रहे थे। परिवार के लोग भी इस घटना से आहत हैं। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया और कहा कि उसके गुनाहों की सजा मिलनी चाहिए। इसलिए पुलिस उसे जेल में ही रखे।
सुकरौली नगर पंचायत के आंबेडकर नगर गनेशपुर निवासी प्रिंस यादव के पिता वीरेंद्र यादव खेती करते हैं। उम्र अधिक होने के कारण वीरेंद्र अक्सर बीमार रहते हैं। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री है। किसी की अभी शादी नहीं हुई है। वीरेंद्र का छोटा बेटा प्रिंस ज्यादातर ननिहाल गोरखपुर गीडा के बरहुआ में रहता था। जब भी वह घर आता तो गांव के लोगों के साथ मिल जुलकर रहता। ननिहाल में रहने के दौरान ही प्रिंस अंकिता के संपर्क में आ गया। दोनों के बीच बातचीत भी होती थी।
अंकिता की मां ने दोनों की शादी कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी गलत आदतों के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी। इसी बीच छात्रा की शादी तय हो गई, जिसके बाद उसने प्रिंस से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। बुधवार को 500 रुपये प्रतिदिन किराए पर कार लेकर प्रिंस गया था। जब इस घटना की जानकारी परिजनों समेत उसके गांव गनेशपुर के लोगों को हुई तो सहसा उनको यकीन नहीं हो रहा था। गांव के लोगों का कहना है कि साधारण सा दिखने वाला लड़का इतना क्रूर कैसे हो सकता है। परिवार के लोग भी इस घटना से आहत हैं।
0
गनेशपुर गांव में पसरा है सन्नाटा
कार से रौंदकर छात्रा अंकिता की हत्या करने के आरोपी प्रिंस यादव के गांव में शुक्रवार की सुबह सन्नाटा पसरा रहा। गांव के कुछ लोग चौराहे पर आपस में बातचीत तो कर रहे थे, लेकिन जब उनसे प्रिंस को लेकर बातचीत की कोशिश की गई तो वे कुछ भी बोलने से बचने की कोशिश करने लगे। कुछ गांव वालों का कहना था कि प्रिंस का ज्यादातर समय उसकी ननिहाल में ही बीतता था। उसने ऐसी घटना को अंजाम दिया है, जिसकी कभी कल्पना तक नहीं की जा सकती। परिजन भी इस घटना से आहत हैं। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को परिजनों ने सही मानते हुए कहा कि उसे उसके गुनाहों की सजा मिलनी ही चाहिए।
0
भाड़े पर वाहन देकर पछता रहा गाड़ी मालिक
आरोपी प्रिंस ने जिस कार से रौंदकर छात्रा की हत्या की है, उस कार के मालिक को भी कोई जानकारी नहीं थी। कार मालिक राजीव प्रजापति ने बताया कि उनकी गाड़ी को प्रिंस भाड़े पर ले गया था। धाम पर जाने की बात कहकर उसने 500 रुपये एक दिन के हिसाब देने की बात कही थी। जब उसके घरवालों ने घटना की जानकारी दी तो पांव तले जमीन खिसक गई। भाड़े पर गाड़ी देने के बाद काफी पछतावा हुआ। कार मालिक राजीव ने बताया कि भाड़े पर कार चलाकर ही परिवार का भरण-पोषण होता है।