मंसाछापर। डीपीआरओ की सख्ती के बाद सोमवार को माघी कोठिलवां गांव में चबूतरा निर्माण की जांच करने एडीओ पंचायत और इंजीनियर पहुंचे। एडीओ पंचायत ने निरीक्षण के बाद कार्य को अगले निर्देश तक रोक दिया। जांच में मौके पर ढहे दीवार को ठीक कराने का मामला सही पाया गया है। डीपीआरओ के कार्य रोकने के निर्देश को धता बताते हुए गांव के जिम्मेदार टूटे चबूतरे को ठीक करा दिए थे।
माघी कोठिलवा गांव में एक लाख 88 हजार रुपये की लागत से बन रहे चबूतरे की दीवार शनिवार की सुबह गिर गई थी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीपीआरओ ने निर्माण कार्य को रोकने और जांच करने का निर्देश दिया, लेकिन ढहे दीवार को फिर से जुड़वा दिया गया। सोमवार को अमर उजाला में खबर छपने के बाद डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने एडीओ पंचायत भगवंत कुशवाहा और इंजीनियर फकरुद्दीन को जांच का निर्देश दिया। डीपीआरओ के निर्देश के बाद एडीओ पंचायत मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य होना पाया। डीपीआरओ ने सचिव सुमित कुमार और ग्राम प्रधान को तत्काल कार्य रोकने के निर्देश दिए। माना जा रहा है की जांच रिपोर्ट के बाद इस मामले में कार्रवाई होगी।
डीपीआरओ के निर्देश पर मौके पर पहुंचकर जांच की गई है। कार्य को अगले आदेश तक तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है। -भगवंत कुशवाहा, एडीओ पंचायत