क्षेत्र के पिपरा खुर्द गांव में शनिवार को नौ दिवसीय मारुति नंदन महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। कन्याओं ने कलश यात्रा निकालकर कई गांवों का भ्रमण किया।
यज्ञस्थल से जयकारा लगाते हुए पैदल ही नौ किलोमीटर दूर धर्मसमधा मंदिर पहुंचीं, जहां पोखरे में जल भरकर धर्मसमधा माता की पूजा-अर्चना के बाद यज्ञस्थल के लिए चलीं। कलश यात्रा बरवा बाजार, बैरिया, मोरवन, पिड़ारी, भोदसी, रामकोला से होकर गुजरी। कलश की स्थापना के बाद यज्ञ प्रारंभ हो गया। यज्ञ के आयोजक रवींद्रनाथ पांडेय ने बताया कि इसमें गांव के लोग बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं।