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Kushinagar News: जितनी वीआईपी कॉलोनी, उतनी ही महंगी सब्जी

Fri, 24 Mar 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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गुदरी बाजार में सब्जी खरीदतीं महिलाएं। संवाद
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थोक मंडी से निकलने के बाद फुटकर आते ही दो से चार गुने दामों पर बिकने लगती हैं हरी सब्जियां
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पॉश कॉलानियों और वीआईपी मोहल्ले के पास होती है ज्यादा वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। थोक मंडी में बेहद ही कम कीमतों पर बिकी हरी सब्जियों के दाम बाजार में आने के बाद के कॉलोनियों के हिसाब से बदल जाते हैं। देखा जाए तो, जितनी महंगी कॉलोनी होती है उसके आसपास लगने वाली दुकानों पर उतनी ही महंगी सब्जियां बिकती हैं।
नगर के बेलवा चुंगी में रोजाना सुबह लगने वाली मंडी में लोकल सब्जियों की आवक इन दिनों खूब हो रही है, इसलिए थोक में सब्जियों के दाम बेहद कम हैं, लेकिन जैसे ही ये सब्जियां थोक बाजार से निकलकर फुटकर दुकानदारों के माध्यम से बाहर आती हैं तो इनकी कीमतें भी जगह के हिसाब से अलग-अलग हो जाती हैं। लोकल सब्जियों पर फुटकर दुकानदारों का मुनाफा न्यूनतम दो गुना तो अधिकतम चार गुना तक पहुंच जाता है। यानी बाजार के आसपास अगर पॉश कॉलोनी, वीआईपी मोहल्ला हो तो दुकानदारों का मुनाफा सब्जियों पर उतना ही अधिक होता है।
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आवास विकास कॉलोनी : पडरौना नगर की आवास विकास कॉलोनी को वीआईपी कॉलोनी भी माना जाता है। यहां आसपास कोई अपार्टमेंट नहीं हैं। फिर भी यहां पर सब्जी की कीमत अन्य जगहों की अपेक्षा अधिक होती है। कॉलोनी के बाहर बावली चौक पर लगने वाली दुकान पर परवल 80, फूल गोभी 20, करैला 80, टमाटर 30, नेनुआ 60, भिंडी 80, पत्ता गोभी 15, लौकी 40 और हरा मटर 100 रुपये किलो बिक रहा था।
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साहबगंज मोहल्ला
आवास विकास कॉलोनी से निकलकर रेलवे लाइन पार करके साहबगंज मोहल्ले में जाते हैं। साहबगंज मोहल्ले में दुकानों के अलावा रिहायशी मकान भी हैं। यहां पर हर वर्ग के लोग रहते हैं। साहबगंज मोहल्ले में सब्जी बेचने वाले दुकानदार मुनाफा वसूूल रहे हैं। यहां सब्जियों की कीमत अधिक थी। यहां परवल 90 , गोभी 30, करैला 85, भिंडी 80, नेनुआ 70, पत्ता गोभी 20, टमाटर 30, लौकी और कद्दू 30 से 40 रुपये किलो बिक रहे थे।
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गुदरी बाजार : नगर के गुदरी बाजार में सब्जी की दुकान लगती है। यहां से लोग फुटकर और थोक में सब्जी खरीदते हैं। यहां पर राजदरबार, तिलक चौक, गांधीनगर सहित अन्य जगहों से लोग सब्जी खरीदने आते हैं। यहां पर सब्जियों का भाव अलग-अलग पाया गया। करैला 50 रुपये किलो, भिंडी 55 रुपये किलो, परवल 60 रुपये किलो, टमाटर 30 रुपये किलो, लौकी 30 रुपये किलो, गोभी 20 रुपये किलो, बैगन 30 रुपये और कटहल 50 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। दुकानदार श्याम ने बताया कि सब्जी का रेट यहां पर कम रहता है। क्योंकि यहां पर थोक और फुटकर दोनों काम होता है। अधिकतर फुटकर दुकानदार यहीं से सब्जी खरीदकर बेचते हैं।
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रविंद्र नगर जिला मुख्यालय : जिला मुख्यालय पर कचहरी है। आसपास अधिकारियों और कर्मचारियों के निवास बने हुए हैं। ऐसे में यहां पर भी सब्जी का भाव चढ़ा हुआ था। यहां पर टमाटर 30 से 35 रुपये किलो, गोभी 30 रुपये किलो, बैगन 40 रुपये किलो, नेनुआ 70 रुपये किलो, भिंडी 80 रुपये किलो, करैला 80 रुपये किलो, परवल 90 रुपये किलो बिक रहा था।
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सब्जियां जल्दी हो जाती हैं खराब
गुदरी बाजार में सब्जी बेचने वाले रमेश ने बताया कि हरी सब्जियां अधिकतम दो दिनों तक ही रुक पाती हैं। इसके बाद ये खराब होने लगती हैं। कुछ सब्जियां सिर्फ एक दिन की ही होती हैं, दूसरे दिन वह बेचने लायक नहीं रहती हैं। ऐसे में हरी सब्जियों पर अधिक मुनाफा रखकर बेचना पड़ता है, नहीं तो हमें काफी नुकसान हो जाता है। आलू-प्याज पर हम लोग सबसे कम मुनाफा रखते हैं, क्योंकि ये जल्दी खराब नहीं होती हैं।
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दो श्रेणियों में छांटते हैं सब्जियां
साहबगंज के सब्जी दुकानदार अजीत ने बताया कि थोक में हमें सब्जियां छांटने को नहीं मिलती हैं, मंडी से सब्जी लाने के बाद हम घरों पर सब्जियों को दो श्रेणियों में बांटते हैं। एक में श्रेणी में छोटे और टेढ़े-मेढ़े सब्जी रखते हैं तो वहीं दूसरे श्रेणी में बड़े और अच्छे दिखने वाले सब्जी। पहले श्रेणी के सब्जियों के खरीद दाम भी नहीं मिल पाता है। जो मुनाफा मिलता है वह बड़े और अच्छे दिखने वाली सब्जियों पर ही मिलता है।
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सब्जी थोक भाव (प्रति किलो)
करैला 50 रुपये प्रति किलो
भिंडी 55 रुपये प्रति किलो
परवल 60 रुपये प्रति किलो
टमाटर 30 रुपये प्रति किलो
लौकी 30 रुपये प्रति किलो
गोभी 20 रुपये प्रति किलो
बैगन 30 रुपये प्रति किलो
कटहल 50 रुपये प्रति किलो
नेनुआ 60 रुपये प्रति किलो
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