लोकतंत्र रक्षक सेनानी के अंतिम संस्कार में घाघी नदी के तट पर गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी देते तहसीलदा
कसया। जेपी आंदोलन में जेल गए लोकबंधु राजनारायण के निजी सचिव रहे सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्य, आपात काल के युवा नेता, प्रखर समाजवाद के पुरोधा लोकतंत्र रक्षक सेनानी के कुमार (खेलू नेता) का बीते बुधवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को मल्लूडीह स्थित घाघी नदी पर तहसीलदार कसया धर्मदेव सिंह व एसआई रत्नेश मौर्य के संयुक निर्देशन में गार्ड आफ आनर देकर राजकीय सम्मान के साथ कर दिया गया। कुमार का शव उनके पैतृक निवास मल्लूडीह से तिरंगे में लपेट कर अंतिम यात्रा के लिए निकाला गया जो गाव के ही घाघी नदी पर पहुंचा जहा भंते रत्नाकर की उपस्थिति में बौद्ध धर्म द्वारा पंचशील के साथ उनके ज्येष्ठ पुत्र जनार्दन सिंह ने मुखाग्नि दी। इस दौरान लोकतंत्र रक्षक सेनानी मिथिलेश्वर पांडेय, राधाकृष्ण सिंह, ज्ञानेंद्रलाल श्रीवास्तव, छोटेलाल शर्मा, बंका सिंह, राजेंद्र कुशवाहा आदि मौजूद रहे।