चखनी भूमिहारी पट्टी गांव में भाई को खोने के गम में अचेत पड़े युवक को संभालती महिलाएं। संवाद
- घर में भतीजे की कोशी भरी जानी थी, एक साथ दामाद व जवान बेटे की मौत से छाया मातम
- चखनी भूमिहारीपट्टी गांव आए दामाद, रिश्तेदार और बेटे की हुई थी शनिवार को सड़क हादसे में हुई मौत
पकड़ियार बाजार। चखनी भूमिहारीपट्टी गांव के अर्जुन चौधरी के घर रविवार की शाम को छठ की बहंगी निकाली जानी थी। पर, शनिवार देर शाम को हुए हादसे में जवान बेटे, दामाद व रिश्तेदार की मौत से मातम छा गया। रविवार दोपहर को बहंगी की जगह दरवाजे से जवान बेटे की अर्थी उठाई गई।
अर्जुन चौधरी के छोटे बेटे प्रिंस चौधरी, कोशी में शामिल होने आए महराजगंज जिले के निवासी दामाद अनिरुद्ध चौधरी और एक अन्य रिश्तेदार नेहरू की छठ का बाजार करके आते समय खानू छपरा गांव के सामने ट्रक के नीचे आ जाने से मौत हो गई थी। घर में अर्जुन चौधरी के पोते की छठ पर कोशी भरी जानी थी। इसके लिए रिश्तेदार जुटे थे। शनिवार शाम को हुए हादसे में अर्जुन चौधरी की बेटी निशा पति और भाई की मौत से टूट गई हैं।
हमारा बाबू लोग अनाथ हो गईल...
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। जवान बेटे और दामाद की मौत से अर्जुन चौधरी बदहवास हो गए हैं। घर पर बिलखते हुए निशा ने कहा कि हमार त दुनिया उजड़ गईल! अब हम के कर साथे ससुरा जाईब! हमारा बाबू लोग अनाथ हो गईल। यह कहकर निशा गश खाकर गिर गई। मां को रोता देख उसके दोनों बच्चे आदित्य व रागिनी गुमसुम लोगों को टकटकी लगाए देख रहे थे। कुंवर चौधरी छोटे भाई को याद कर बेहोश हो जा रहे थे। शाम को छोटी गंडक नदी के तट पर तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।