खड्डा। कस्बा स्थित जटाशंकर पोखरा परिसर में सोमवार की देर शाम अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने रामभक्त कारसेवकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि राममंदिर निर्माण होने से हिंदू समाज का सपना साकार हो गया है।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को समृद्ध और सुरक्षित करने के लिए एकजुट होना होगा। जगह-जगह होने वाले धार्मिक अनुष्ठान समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। एक लाख स्थानों पर शनिवार और मंगलवार को हनुमान चालीसा पाठ करवाया जा रहा है। आने वाले समय में हनुमान चालीसा पाठ के जरिए हिंदुओं को जोड़ने और समाज के कल्याण का केंद्र बनाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी तक प्रदेश में भ्रमण कर कारसेवकों को धन्यवाद देंगे। 24 जनवरी को सभी कारसेवक एवं उनके परिजनों को निमंत्रित किया जा रहा है। उनका सम्मान कर मथुरा व काशी के निर्माण की शपथ लिया जाएगा। उन्हाेंने रामनगीना शर्मा, रामबेलास गुप्ता, लल्लू जायसवाल, गयानंद, संदेश मद्धेशिया, मुकेश चौरसिया, नरायन गुप्ता, हरेंद्र गुप्ता, मुरारी गुप्त, बलवंत जायसवाल, रासबिहारी चौरसिया, लल्लन गुप्ता, दयानंद मद्धेशिया, नंदू, विजय पांडेय, विजय पासवान, अंबिका सिंह आदि कारसेवकों को सम्मानित किया।
इस दौरान रामनयन दास रामायणी, प्रांत अध्यक्ष राणा सिंह, प्रांत मंत्री चंद्रेश्वर, भागीरथी चौहान, रंगीदास, संतोष जायसवाल, दीनानाथ मद्धेशिया, गुड्डू गुप्ता, पवन मद्धेशिया, रोशनलाल भारती, हरिश्चंद्र, अशोक सिंह, अजीत आदि मौजूद रहे।
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राम मंदिर के बाद अब काशी और मथुरा की है तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्ष्मीगंज। स्थानीय बाजार में मंगलवार को राम मंदिर के आंदोलन के प्रणेता व अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक अध्यक्ष डाॅ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि राम मंदिर के बाद अब काशी और मथुरा की तैयारी है। नवनिर्मित राम मंदिर 500 वर्षों तक हिंदुओं के त्याग और तपस्या की कहानी हैं। राम मंदिर निर्माण आठ करोड़ हिंदुओं के सवा रुपये के चंदे से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए वह 30 वर्षों से लगातार देश भ्रमण कर हिंदुओं को जागरूक किया है। इसके लिए वह दो दिन किसी एक शहर में निवास नहीं किया है। राम मंदिर बनने पर पूरे विश्व का हिंदू समुदाय खुश है। उन्होंने राम भक्त कार सेवकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदित्य सिंह व संचालन अनिल कुमार बर्नवाल ने किया। इस दौरान अर्थक प्रताप सिंह, राधेगोविंद शाही, चंदेश्वर सिंह, राधेश्याम दीक्षित, ओमप्रकाश चौधरी आदि मौजूद रहे।