कथा सुनते अनुराग कृष्ण शास्त्री। संवाद
कसया। नगरपालिका परिषद के वीर सावरकर नगर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रोताओं को श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं के कथा का रसपान कराते हुए कथावाचक अनुराग कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यावस्था में उनके आभामंडल की कांति अत्यंत ही मनमोहक थी। श्यामवर्ण होने की वजह से श्रीकृष्ण गोपी एवं गोपिकाओं के मन को मोह लेने वाले थे। बाल-लीलाओं के दौरान उनके द्वारा पूतना, बकासुर, तृणावर्त आदि राक्षसों का मोक्ष दान दिया गया। इस दौरान पंडित दिनेश त्रिपाठी, ब्रदीनाथ पांडेय,अनुराग चौबे, मोहित पांडेय आदि मौजूद रहे।