तमकुहीराज। तहसील न्यायालय के एक अधिवक्ता ने तहसीलदार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ता का आरोप है कि तहसीलदार ने प्राइवेट मुंशी के माध्यम से उनके मुवक्किल से रिश्वत की वसूली की थी। लेकिन, दूसरे पक्ष से ज्यादा पैसे लेकर उनके मुवक्किल के मुकदमे में दाखिल कायमी प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया। तहसीलदार ने आरोपों को खारिज किया है।
अधिवक्ता मतिउल्लाह उर्फ मतुल अंजान का आरोप है कि तहसीलदार ने धारा 35 के एक मुकदमे में फैसला देने के लिए अपने प्राइवेट मुंशी के माध्यम से उनके मुवक्किल से दस हजार रुपये की मांग की थी। मुवक्किल ने प्राइवेट मुंशी को रकम दे दी तो 50 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। मुवक्किल ने पैसे नहीं दिए तो दूसरे पक्ष से ज्यादा पैसे लेकर उनके मुवक्किल के मुकदमे में दाखिल कायमी प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया गया। उनके मुवक्किल को प्राइवेट मुंशी के माध्यम से अपने चैंबर में बुलाकर रकम वापस कर दी। इसका 42 सेकंड का वीडियो भी जारी किया गया है। तहसीलदार तमकुहीराज चंदन शर्मा ने आरोपों से खारिज किया है। कहा कि मन मुताबिक फैसले के लिए दबाव बनाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। इंस्पेक्टर तमकुहीराज अतुल कुमार श्रीवास्तव ने भी तहरीर मिलने से इन्कार किया है।