पकवा इनार। अखिल भारतीय विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासभा के आह्वान पर शुक्रवार को बुद्ध पीजी कॉलेज परिसर में शिक्षकों ने धरना दिया। शिक्षकों ने सरकार की शिक्षा व शिक्षक नीतियों का विरोध किया।
शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्र विरोधी है। नीति में संशोधन की जरूरत है। महामंत्री डॉ. पारस नाथ ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 छात्रों के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं है। यह बिना ज्ञान के डिग्री बांटने के लिए है। बार-बार पाठ्यक्रम बदलने, ओएमआर आधारित परीक्षा लागू करने और असाइनमेंट- प्रोजेक्ट के नाम पर छात्रों को व्यस्त रखने से गुणवत्तापरक शिक्षा से छात्र दूर होते जा रहे हैं। प्रोफेसर राजेश सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों के लिए हितकारी नहीं है। सरकार को इसे वापस लेना चाहिए। धरने को डॉ. अंबिका प्रसाद तिवारी, गुआक्टा महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी आदि ने संबोधित किया।
इस दौरान प्रोफेसर सत्येंद्र गौतम, डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, प्रोफेसर कौस्तुभ नारायण मिश्र, प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश मंगलम, डॉ. पंकज दूबे, डॉ. राजेश जायसवाल, डॉ. रामनवल, डॉ. आशुतोष तिवारी, डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. सुबोध गौतम, डॉ. राजीव राय, डॉ. शंभू दयाल कुशवाहा, डॉ. सुबाष आदि मौजूद रहे।